“नवंबर से आसान होगा आधार कार्ड अपडेट, ज्यादातर बदलाव ऑनलाइन किए जा सकेंगे”   

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“नवंबर से आसान होगा आधार कार्ड अपडेट, ज्यादातर बदलाव ऑनलाइन किए जा सकेंगे”   

-नवंबर से आधार कार्ड अपडेट करना होगा आसान -घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता और मोबाइल नंबर

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। UIDAI (यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने घोषणा की है कि नवंबर से आधार कार्ड की कई जानकारियों को अब घर बैठे ऑनलाइन ही अपडेट किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि अब लंबी कतारों और आधार केंद्र के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाएगा।

कौन-कौन सी जानकारियाँ बदल पाएंगे घर बैठे?
UIDAI के नए नियमों के तहत आधार कार्ड में नाम, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियों को ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा। इसके लिए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम का उपयोग होगा, जिससे लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही सुरक्षित तरीके से अपनी पहचान सत्यापित कर पाएंगे।

हालाँकि, कुछ जानकारियाँ ऐसी भी हैं जिन्हें बदलने के लिए अब भी आधार केंद्र जाना अनिवार्य रहेगा। इनमें फोटो बदलना और बायोमेट्रिक डिटेल्स (फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन) अपडेट करना शामिल है।

सुरक्षित और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित होगी और पहचान की चोरी जैसी समस्याओं को रोकने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा आधार ऑथेंटिकेशन को और भी मजबूत बनाएगी। फिलहाल प्रतिदिन लगभग 9 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन हो रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 20 करोड़ प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेलवे टिकट जैसी सेवाओं में भी आधार के उपयोग को और बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट के लिए स्कूलों में विशेष कैंप लगाने की भी योजना बनाई गई है।

मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड भी होंगे निष्क्रिय
UIDAI ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए मृत व्यक्तियों के आधार कार्ड को भी निष्क्रिय करना शुरू कर दिया है ताकि उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग न हो। अब तक 1.20 करोड़ से अधिक मृतकों के आधार कार्ड बंद किए जा चुके हैं। यह कदम सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद करेगा।

आधार डेटा की सुरक्षा पर ज़ोर
UIDAI ने साफ कर दिया है कि आधार कार्ड को नागरिकता का सबूत नहीं माना जाएगा। आधार एक्ट के सेक्शन 9 में इसका स्पष्ट उल्लेख है। इसके अलावा कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि आधार से जुड़ा सारा डेटा केवल भारत के भीतर ही स्टोर किया जाए। प्राधिकरण का दावा है कि अब तक आधार डेटा लीक की कोई घटना सामने नहीं आई है। सुरक्षा के लिहाज से आधार डेटा प्रोटेक्शन कानून और अन्य नियमों से भी कहीं ज्यादा सख्त माना जाता है।

देश में आधार की वर्तमान स्थिति
फिलहाल भारत में 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। नई सुविधा के लागू होने के बाद लोगों को आधार केंद्र जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और डिजिटल प्रक्रिया को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

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