
नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले की साइबर टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह टेलीग्राम पर ऑनलाइन टास्क के नाम पर मोटा रिटर्न देने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से लाखों की ठगी कर रहा था। इस गिरोह ने दिल्ली निवासी एक महिला से ₹11 लाख की ठगी की थी। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर में छापेमारी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का खुलासा
राजा बांठिया ने मामले के संदर्भ में बताया कि शास्त्री नगर, दिल्ली निवासी श्रीमती जे. शर्मा को टेलीग्राम पर एक लिंक मिला जिसमें “पेड़ टास्क” के बदले अच्छा रिटर्न देने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद, पीड़िता को टेलीग्राम पर लगातार टास्क दिए गए और उनसे कई चरणों में ₹11 लाख की ठगी की गई।
पीड़िता ने NCRP पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज की, जिस पर साइबर थाना, उत्तरी जिला ने तत्काल धारा 420 और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच और पुलिस टीम की कार्रवाई
जांच के लिए इंस्पेक्टर मनीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें HC राजेंद्र, कांस्टेबल कुलदीप शामिल थे। टीम ने एसएचओ रोहित गहलोत और एसीपी हेमंत कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में जांच को आगे बढ़ाया। सभी संदिग्धों के मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि वे मेरठ और मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में सक्रिय हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
5 मोबाइल फोन
5 सिम कार्ड
3 चेक बुक
2 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं
मोबाइल डेटा से स्पष्ट हुआ कि हुमैद खान और वरुण कुमार इस ठगी रैकेट के प्रमुख संचालक हैं। मामले की जांच अभी जारी है, और अन्य सहयोगियों की तलाश में पुलिस प्रयासरत है।





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