बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों को जाम से राहत, देश के सर्वाधिक ऊंचाई वाले स्थान पर शुरू हुई फास्ट ट्रैक सेवा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों को जाम से राहत, देश के सर्वाधिक ऊंचाई वाले स्थान पर शुरू हुई फास्ट ट्रैक सेवा

बद्रीनाथ/चमोली/आनिशा चौहान/- उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के प्रमुख धामों में से एक बद्रीनाथ में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए नगर पंचायत बद्रीनाथ ने एक अहम पहल की है। अब तीर्थयात्रियों को देव दर्शनी क्षेत्र में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए ईको पर्यटक शुल्क के भुगतान हेतु फास्ट ट्रैक सेवा की शुरुआत कर दी गई है। यह सेवा देश के सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित स्थल पर पहली बार शुरू की गई है।

गुरुवार को जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने इस सुविधा का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि अब तक तीर्थयात्रियों से नगद और क्यूआर कोड के माध्यम से ईको पर्यटन शुल्क वसूला जाता था। लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या अधिक होने से देव दर्शनी क्षेत्र में जाम की स्थिति बन जाती थी। इस चुनौती को देखते हुए अब फास्ट ट्रैक सुविधा का संचालन शुरू किया गया है, जिससे शुल्क भुगतान की प्रक्रिया और अधिक तेज व सुविधाजनक हो गई है।

नगर पंचायत बद्रीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने जानकारी दी कि वर्ष 2022 में गजट नोटिफिकेशन के बाद से धाम में आने वाले वाहनों से ईको पर्यटन शुल्क लिया जाता है। इसके तहत फोर व्हीलर से ₹60, टेम्पो ट्रैवलर या मिनी बस से ₹100, बस से ₹120 और हेलीकॉप्टर से ₹1000 की राशि एक बार में ली जाती है।

उन्होंने बताया कि इस शुल्क से प्राप्त धनराशि का उपयोग बद्रीनाथ धाम में पर्यटन विकास, ठोस कचरा प्रबंधन, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, बैरियर संचालन और पर्यटन महोत्सवों के आयोजन में किया जाता है।

बढ़ती तीर्थयात्री संख्या के चलते शुल्क भुगतान की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से नगर पंचायत ने पार्क प्लस कंपनी के तकनीकी सहयोग से यह फास्ट ट्रैक सुविधा शुरू की है। इससे अब तीर्थयात्रियों को धाम में प्रवेश के समय लंबी कतारों और देरी से राहत मिलेगी तथा यात्रा अनुभव और अधिक सहज हो सकेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox