अंग्रेजी बोलने पर होगी शर्म’ — भारतीय भाषाओं पर बोले अमित शाह

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

अंग्रेजी बोलने पर होगी शर्म’ — भारतीय भाषाओं पर बोले अमित शाह

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत की भाषाई विरासत को पुन: प्राप्त करने और देसी भाषाओं पर गर्व करने के साथ दुनिया का नेतृत्व करने का समय आ गया है। एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को जल्द ही शर्म महसूस होगी। ऐसे समाज का निर्माण दूर नहीं है। केवल वे ही बदलाव ला सकते हैं जो दृढ़ हैं। मेरा मानना है कि भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं। हमारी भाषाओं के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं रह सकते।”

विदेशी भाषाओं से भारत की कल्पना नहीं की जा सकती
अमित शाह ने कहा, “अपने देश, अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपने धर्म को समझने के लिए कोई भी विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं हो सकती। अधूरी विदेशी भाषाओं के माध्यम से संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। मैं इस बात से पूरी तरह परिचित हूं कि यह लड़ाई कितनी कठिन है, लेकिन मुझे पूरा विश्वास भी है कि भारतीय समाज इसमें विजय प्राप्त करेगा। एक बार फिर, स्वाभिमान के साथ, हम अपनी भाषाओं में अपना देश चलाएंगे और दुनिया का नेतृत्व भी करेंगे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गढ़े गए ‘पंच प्रण’ (पांच प्रतिज्ञाओं) को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ये पांच प्रतिज्ञाएं देश के 130 करोड़ लोगों का संकल्प बन गई हैं।

गृहमंत्री बोले- अधिकारियों के प्रशिक्षण में बदलाव की जरूरत
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “मोदी जी ने अमृत काल के लिए पंच प्रण की नींव रखी है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना, गुलामी के हर निशान से मुक्ति पाना, अपनी विरासत पर गर्व करना, एकता और एकजुटता के लिए प्रतिबद्ध रहना और हर नागरिक में कर्तव्य की भावना जगाना, ये पांच प्रतिज्ञाएं 130 करोड़ लोगों का संकल्प बन गई हैं। साल 2047 तक हम शिखर पर होंगे और इस यात्रा में हमारी भाषाओं की प्रमुख भूमिका होगी।”

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox