अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ से तोड़े संबंध, फंडिंग पहले की कर दी थी बंद

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अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ से तोड़े संबंध, फंडिंग पहले की कर दी थी बंद

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देश-विदेश/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र एजेंसी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर कोरोना मामले में विश्व को गुमराह करने और कोरोना वायरस को आरंभिक स्तर पर रोकने मे नाकाम साबित होन के गंभीर आरोप लगाते हुए पर वैश्विक महामारी का केंद्र रहे चीन की ‘कठपुतली’ का आरोप लगाते हुए के साथ अमेरिका के सारे संबंधों को खत्म कर दिया है। हालांकि उन्होने डब्ल्यूएचओ पर वैश्विक महामारी का केंद्र रहे चीन की ‘कठपुतली’ का आरोप लगाते हुए उसकी फंडिंग पर पहले ही रोक लगा दी थी।
                                  डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर वैश्विक महामारी का केंद्र रहे चीन का पक्ष लेने तथा इस बिमारी में बहुत अहम सुधार करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम आज विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ अपने संबंधों को समाप्त करने जा रहे हैं।” रिपब्लिकन नेता ने कहा कि डब्ल्यूएचओ को दिए जाने वाले फंड को दूसरे देशों और आपात स्थिति में वैश्विक जन स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाएगा।
                               इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने साफ-साफ शब्दों में चीन से कहा कि उसे कोरोना वायरस के मामले में दुनिया के सवालों के जवाब देने होंगे। दरअसल, ट्रंप ने दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है और उस पर अक्षमता का आरोप भी लगाया है। कोरोना वायरस पिछले साल दिसंबर में सबसे पहले चीन के वुहान में सामने आया था। यह वायरस 3 लाख 62 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है और करीब 58 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित कर चुका है।

फंडिंग रोकने को लेकर ट्रंप ने दी थी चेतावनी
ट्रंप ने 14 अप्रैल को डब्ल्यूएचओ को सालाना दी जाने वाली 50 करोड़ डॉलर तक की सहायता रोक दी थी। उन्होंने डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाया है कि वुहान में पहली बार सामने आने के बाद कोरोना वायरस के प्रसार के उसके प्रबंधन में खामी है और उसके कथित कुप्रबंध और कथित रूप से उसे ढकने में ”संगठन” की भूमिका का पता लगाने के लिए समीक्षा की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को आगाह किया था कि वह अगले 30 दिन में यह प्रदर्शित करे कि वह चीन से प्रभावित नहीं हैं। ऐसा नहीं करने पर ट्रंप ने इस संगठन में अमेरिका की सदस्यता के बारे में पुनः विचार करने और संगठन को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को “स्थायी रुप” से रोक दी जाएगी।

चीन से भी रिश्ते तोड़ने की धमकी दे चुके हैं ट्रंप
दुनियाभर में कोरोना वायरस के फैलने के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन से भी सारे रिश्ते तोड़ने की धमकी दे चुके हैं। ट्रंप ने बीते 14 मई को फॉक्स बिजनेस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा था, “कई चीजें हैं जो हम कर सकते हैं। हम सारे रिश्ते तोड़ सकते हैं।” एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फिलहाल बात नहीं करना चाहते हैं। हालांकि उनके जिनपिंग से अच्छे रिश्ते हैं। ट्रंप ने कहा कि चीन ने उन्हें निराश किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने चीन से बार-बार कहा कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वुहान की प्रयोगशाला जाने की इजाजत दी जाए, लेकिन उसने इसे नहीं माना।

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