दिल्ली में यमुना किनारे फिर से होगा छठ पूजा आयोजन

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August 24, 2026

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दिल्ली में यमुना किनारे फिर से होगा छठ पूजा आयोजन

-मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्व भोजपुरी सम्मेलन में की घोषणा

दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली में आयोजित 12वें विश्व भोजपुरी सम्मेलन के दौरान एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि इस वर्ष से यमुना किनारे छठ पूजा का आयोजन संभव होगा। यह निर्णय पूर्वांचल एकता मंच की मांग पर लिया गया, जिसकी सराहना सम्मेलन में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने की।

पूर्वांचल एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव जी सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय दिल्ली में रह रहे पूर्वांचलवासियों के लिए एक बड़ी राहत है। मंच की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि दिल्ली सरकार द्वारा यमुना घाट पर छठ पूजा पर लगी रोक हटाई जाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान यमुना की सफाई में विफलता के कारण छठ पूजा पर रोक लगानी पड़ी थी। लेकिन अब भाजपा सरकार ने यमुना और नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है और इस बार से यमुना किनारे छठ पूजा का आयोजन भव्य रूप से हो सकेगा।

सम्मेलन का आयोजन 12 व 13 अप्रैल को पालम स्थित दादा देव मंदिर परिसर में किया गया था। यह 12वां विश्व भोजपुरी सम्मेलन पूर्वांचल एकता मंच के तत्वावधान में भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

सम्मेलन के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के समक्ष मंच के अध्यक्ष शिव जी सिंह ने भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और इसे राजभाषा का दर्जा देने की पुरजोर मांग की। रविशंकर प्रसाद ने आश्वस्त किया कि इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

सांसद मनोज तिवारी ने भी मंच से कहा कि भोजपुरी को मान्यता दिलाने के लिए वे पहले की तरह ही अपने प्रयास जारी रखेंगे। सम्मेलन के दौरान उन्हें “भोजपुरी रत्न सम्मान” से नवाज़ा गया। मनोज तिवारी पिछले एक दशक से विश्व भोजपुरी सम्मेलन और मंच से जुड़े हुए हैं और भोजपुरी को सम्मान दिलाने के लिए निरंतर सक्रिय हैं।

सम्मेलन में सांसद रामवीर सिंह विधूड़ी और उत्तर प्रदेश की बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने भोजपुरी में संबोधन कर भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग का समर्थन किया।

पूर्वांचल एकता मंच के राष्ट्रीय संयोजक मुकेश सिंह, महासचिव मनोज झा, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर संतोष पटेल, पूर्व सांसद महाबल मिश्रा, आरके सरकार, वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के चेयरमैन निर्मल कुमार सिंह, महामंत्री राकेश मिश्रा, एस के दुबे, राकेश कुमार, सत्य प्रकाश तिवारी और प्रेम कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने सम्मेलन को विशेष बना दिया।

शिव जी सिंह ने कहा कि वे पिछले 12 वर्षों से विश्व भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन करते आ रहे हैं और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। इस वर्ष भी देश-विदेश से साहित्यकार, कलाकार और भोजपुरी प्रेमी इस आयोजन में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान 10 से 12 लाख लोगों की भागीदारी रही।

कार्यक्रम में भोजपुरी नृत्य की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियाँ दी गईं जैसे बटोहिया बैले ग्रुप, गोडउ नाच, डाफरा, पखावज नृत्य, फरुवाही नाच, फूलों की होली, सिंगा वादन, शंख वादन और भोजपुरी नाटक विशेष आकर्षण रहे।

यह सम्मेलन न केवल भोजपुरी भाषा और संस्कृति को सम्मान देने का माध्यम बना, बल्कि इसकी संवैधानिक मान्यता की मांग को भी राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखा गया।

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