
हेल्थ/अनीशा चौहान/- भारत में कोविड के बाद से ही हार्ट अटैक का खतरा लोगों में बढ़ गया है। पिछले तीन सालों में ऐसी तमाम घटनाएं सामने आई है, जिसमें 20 से 35 साल के लोगों को भी हार्ट अटैक से जुड़ी समस्या हो रही है। वहीं कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया से जुड़े हार्ट स्पेशलिस्टों की मानें तो अभी तक ऐसा लग रहा था कि यह सब डायबिटीज, हाइपरटेंशन, स्ट्रेस, तंबाकू सेवन या फैमिली हिस्ट्री से मिले-जुले फैक्टर्स की वजह से हो रहा है। वहीं कुछ हद तक कोविड के प्रभाव के रूप में भी देखा जा रहा था, लेकिन देश विदेश के केसेज, डायग्नोस, ट्रीटमेंट, गाइडलाइंस आदि की स्टडी करने के बाद एक और चीज निकलकर सामने आई है।
बता दें कि एम्स में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस रामाकृष्णन का कहना है कि भारत में हर व्यक्ति को 18 साल की उम्र में पहली बार अपना लिपिड प्रोफाइल यानि कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करानी चाहिए। लिपिड प्रोफाइल में गुड कोलेस्ट्रॉल, बैड कोलेस्ट्रॉल, नॉन एचडीएल कोलेस्टॉल, लिपो प्रोटीन और ट्रायग्लिसराइड सहित ये पांच चीजें आती हैं। जिनके सामान्य होने की जानकारी होना बहुत जरूरी है।
15 साल की उम्र में ये कराएं कोलेस्ट्रॉल की जांच
वहीं गाइडलाइंस बनाने वाले ये हार्ट स्पेशलिस्ट कहते हैं कि जिन लोगों के घर में हार्ट डिजीज, फिर चाहे हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट की फैमिली हिस्ट्री है, उन लोगों को 15 साल की उम्र पर ही अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करा लेनी चाहिए। इससे बहुत हद तक अगली पीढ़ी में हार्ट अटैक को प्रिवेंट किया जा सकता है।
हार्ट की बीमारी से ऐसे बचे
हार्ट अटैक से बचने के लिए रोज योग्य व्यायाग करना चाहिए क्योंकि ये हार्ट की सेहत को सुधारने में मदद करता है। इसके अलावा फल, सब्जियां, पूरे अनाज और कम तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। जिसमें ज्यादा फाइबर,प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स हो उसी खाने को डाइट में शामिल करना चाहिए। तम्बाकू या शराब का सेवन करना हार्ट के लिए काफी खतरनाक होता है। इसके साथ ही साल में एक बार चेकअप करवाना चाहिए।





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