केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख मसले पर अब दिल्ली में 24 को होगी वार्ता,

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October 9, 2026

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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख मसले पर अब दिल्ली में 24 को होगी वार्ता,

-एलएबी और केडीए की मांगों पर विचार के लिए उपसमिति गठित

नई दिल्ली/जम्मू/शिव कुमार यादव/- केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को विशेष दर्जा देने व अन्य मांगों को लेकर लद्दाख एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बैठक की। बैठक में चर्चा के बाद यह फैसला किया गया कि 24 फरवरी को दोबारा इन मांगों पर विचार किया जाएगा। इसके लिए एक उपसमिति बनाने का निर्णय किया गया।
         

बैठक में सकारात्मक रुख के बाद 20 फरवरी से आमरण अनशन को कुछ समय के लिए स्थगित करने का फैसला किया गया। एलएबी तथा केडीए की ओर से जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया है कि मांगों पर विस्तृत रूप से विचार करने के लिए गठित उप समिति में एपेक्स बॉडी से थुप्तसन चिवांग, चेरिंग दोरजे लकरुक व नवांग रिंगजिन जोरा तथा केडीए की ओर से कमर अली आखून, असगर अली करबलाई तथा सज्जाद कारगिली को रखा गया है।
      उप समिति के सदस्यों के नामों के बारे में गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को बता दिया गया है। उप समिति के सभी सदस्य फिलहाल दिल्ली में हैं और वह अगली बैठक में सकारात्मक नतीजे की उम्मीद रखते हैं। इस बैठक में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने व छठी सूची में शामिल करने, एक के बदले दो लोकसभा सीट देने और लद्दाख के लिए अलग लोकसेवा आयोग गठित करने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रतिनिधि मंडल में लद्दाख के सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल भी मौजूद रहे।

तीन फरवरी को लद्दाख में हुआ था बड़ा प्रदर्शन
गौरतलब है कि एलएबी और केडीए इन मांगों पर पिछले कई माह से केंद्र से ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। 16 जनवरी को ही गृह मंत्रालय को इन मांगों से संबंधित मसौदा सौंपा गया था। कोई सुगबुगाहट न होती देख मांगों के समर्थन में तीन फरवरी को लद्दाख में बड़ा प्रदर्शन किया गया। इसमें कारगिल बंद और लेह चलो का आह्वान भी किया गया। लद्दाख में इन चारों मांगों को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। लेह के शिक्षा व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इन मांगों को नहीं मानने पर आमरण अनशन का एलान कर रखा है।

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