एलजी सक्सेना ने यमुना के तय घाटों पर छठ पूजा की दी मंजूरी

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एलजी सक्सेना ने यमुना के तय घाटों पर छठ पूजा की दी मंजूरी

-दिल्ली के सीएम को दिये श्रद्धालुओं के लिए साफ घाट व पानी सुनिश्चित करने को कहा

नई दिल्ली/- दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यमुना नदी के निर्धारित घाटों पर छठ पूजा की मंजूरी दे दी है। उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से श्रद्धालुओं के लिए साफ घाट और पानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। यह जानकारी उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने बुधवार को दी। दिल्ली सरकार ने 1,100 स्थलों पर छठ पूजा की व्यवस्था की है। बता दें कि इस साल मई में सक्सेना के पद संभालने के बाद से आप सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच कई मुद्दों पर टकराव सामने आ चुका है।
             उपराज्यपाल ने छठ पूजा पर भेजी गई फाइल को मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम मंजूरी मिलने से पहले ही 21 अक्तूबर को केजरीवाल के ट्वीट का संज्ञान भी लिया। सूत्रों ने कहा कि उपराज्यपाल ने केजरीवाल को इस मुद्दे पर भ्रामक और अपरिपक्व प्रचार करने के प्रति आगाह किया है। सूत्रों ने कहा कि कुछ दिन पहले केजरीवाल के एक ट्वीट ने कई लोगों को भ्रम में डाल दिया था, जिन्हें लगा था कि यमुना नदी के किनारे छठ पूजा कहीं भी की जा सकती है।


             सूत्रों के मुताबिक उपराज्यपाल ने इस मामले पर संज्ञान लिया और फाइल में लिखा कि इस मुद्दे पर मेरे विचार के लिए रखे जाने और मेरे द्वारा इस विषय पर एक स्वतंत्र राय बनाने से पहले ही, इस मुद्दे पर प्रचार किया गया। उन्होंने नोट में कहा कि ट्वीट से यह धारणा बनी कि छठ त्योहार यमुना के सभी घाटों पर मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर रूप से समस्या उत्पन्न करने वाला है, क्योंकि यह शासन की योजना के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
            सूत्र ने कहा कि छठ पूजा करने की उपराज्यपाल द्वारा स्वीकृति यमुना पर निर्धारित घाटों के लिए है। उपराज्यपाल ने राजस्व और पर्यावरण विभागों को यमुना प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। छठ व्यवस्था के लिए दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग नोडल एजेंसी है। यह छठ को सफल बनाने के लिए अन्य सरकारी विभागों और नागरिक एजेंसियों के साथ नजदीकी समन्वय में काम कर रहा है। छठ 30 और 31 अक्तूबर को मनाया जाएगा।

छठ पर्व पर ड्राई-डे रखा जाएः कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली सरकार से छठ पर्व वाले दिन सार्वजनिक अवकाश और ड्राई-डे घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की शीला सरकार ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व उड़ीसा जैसे पूर्वांचली राज्यों के प्रवासी की आस्था को ध्यान में रखकर छठ महापर्व पर सार्वजनिक अवकाश की शुरुआत की थी, जिस पर केजरीवाल पूरी तरह असंवदेनशीलता दिखा रहे हैं।
           उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में शीला सरकार ने आबकारी नियम के 52वें नियमानुसार 21 दिनों को ड्राई-डे नोटिफाई किया था, जिसमें सभी धर्मों व महात्माओं को ध्यान में रखकर सभी दिनों और स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस को शामिल किया गया था। जबकि वर्तमान में केजरीवाल सरकार ने केवल 3 ड्राई-डे कर दिए हैं। इस संबध में प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

एलजी सस्ते प्रचार के भूखेः आप
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने नोट में उपराज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति व्यक्त की और कहा कि सक्सेना सस्ते प्रचार के भूखे हैं और हर दिन समाचार पत्रों में अपना नाम देखना चाहते हैं।
         आप ने कहा कि हम मुख्यमंत्री के लिए उपराज्यपाल द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर कड़ी आपत्ति जताते हैं। आप ने कहा कि वह हर दिन सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री को भला-बुरा कहकर अपने पद की गरिमा को कम कर रहे हैं।

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