दुनिया के सबसे बड़े सफारी पार्क की गवाह बनेगी अरावली

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August 25, 2026

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दुनिया के सबसे बड़े सफारी पार्क की गवाह बनेगी अरावली

-गुरूग्राम की अरावली पहाड़ियों में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा सफारी पार्क, सीएम हरियाणा ने किया अरावली का दौरा

गुरूग्राम/- देश की राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम और नूंह जिलों की अरावली पर्वत शृंखला अब दूनिया के सबसे बड़े सफारी पार्क की गवाह बनने जा रही हैं। इस क्षेत्र में लगभग 10 हजार एकड़ क्षेत्र में विश्व का सबसे बड़ा जंगल सफारी पार्क स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना दुनिया में सबसे बड़ी होगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ वर्तमान में दुबई के शारजाह में बने अभी सबसे बड़े जंगल सफारी पार्क का दौरा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एनसीआर क्षेत्र में जंगल सफारी की अपार संभावनाएं हैं। जंगल सफारी योजना के साकार होने के बाद एनसीआर में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

वर्तमान में सबसे बड़ा सफारी पार्क शारजाह में है जो फरवरी 2022 में खोला गया था। इसका क्षेत्रफल करीब दो हजार एकड़ है। गुरुग्राम और नूंह में अरावली के दस हजार एकड़ में प्रस्तावित सफारी पार्क शारजाह के सफारी पार्क का पांच गुना होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की जंगल सफारी परियोजना पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार और हरियाणा सरकार की एक संयुक्त परियोजना होगी। एक योजना के तहत केंद्र सरकार भी हरियाणा को इस परियोजना के लिए फंड मुहैया करेगी। परियोजना के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ईओआई मंगाई गई थी और ऐसी सुविधाओं के डिजाइन व संचालन में अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाली दो कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। वे अब पार्क के डिजाइन, निर्माण की निगरानी और संचालन के लिए एक अंतरराष्ट्रीय डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेंगे। वहीं एक अरावली फाउंडेशन की स्थापना की जाएगी जो परियोजना का प्रबंधन करेगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री और केंद्रीय वन मंत्री ने शारजाह में पार्क का अवलोकन किया। किस तरह उसे स्थापित किया गया है, इसका जायजा लिया। दोनों वहां मौजूद वन्य जीवों का भी दीदार करते दिखे।

टूरिज्म जोन और बॉटनिकल गार्डन भी होगा

दस हजार एकड़ में बनने वाले सफारी पार्क में बड़ा हर्पेटेरियम, एवियरी/बर्ड पार्क, बिग कैट्स के चार जोन, शाकाहारी जानवरों के लिए एक बड़ा क्षेत्र, विदेशी पशु पक्षियों के लिए एक क्षेत्र, एक अंडरवाटर वर्ल्ड, नेचर ट्रेल्स, विजिटर, टूरिज्म जोन, बॉटनिकल गार्डन, बायोमेस, इक्वाटोरियल, ट्रॉपिकल व कोस्टल डेजर्ट इत्यादि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इसके लिए क्षेत्र का मूल्यांकन अध्ययन किया और इस तरह के पार्क की स्थापना की तकनीकी व्यवहार्यता से सहमत हो गया है।

पर्वत शृंखला होगी संरक्षित

जंगल सफारी विकसित होने से एक ओर जहां गुरुग्राम और नूंह की पर्वत श्रृंखला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी ओर दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों से यहां काफी संख्या में लोग पर्यटन के लिए आएंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। आसपास के गांवों में ग्रामीणों को होम स्टे पॉलिसी के तहत लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरावली पर्वत शृंखला एक सांस्कृतिक धरोहर है जहां पर पक्षियों, वन्य प्राणियों , तितलियों आदि की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। कुछ वर्षो पहले करवाए गए सर्वे के अनुसार अरावली पर्वत श्रृंखला में पक्षियों की 180 प्रजातियां, मैमल्स अर्थात स्तनधारी वन्य जीवों की 15 प्रजातियां, रेप्टाइल्स अर्थात जमीन पर रेंगने वाले और पानी में रहने वाले प्राणियों की 29 प्रजातियां और तितलियों की 57 प्रजातियां विद्यमान हैं।

गुरुग्राम के दस, नूंह के छह गांवों की जमीन पर होगा विकसित

प्रस्तावित सफारी पार्क के क्षेत्र में 10 गांव का रकबा आएगा। इसमें से तीन गांवों की जमीन की निशानदेही पूरी हो गई है, वहीं नूंह के 6 गांवों की जमीन इस पार्क के अंदर आएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस सफारी पार्क को लगभग दस हजार एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा। इसमें लगभग 6000 एकड़ भूमि गुरुग्राम जिले और लगभग 4000 एकड़ भूमि नूंह जिले में पड़ती है। इस पार्क के दायरे में गुरुग्राम का गांव सकतपुर, गैरतपुर बास, नरसिंहपुर, बार गुर्जर, टिकरी, शिकोहपुर, घामडोज, अकलीमपुर, भोंडसी और अलिपुर शामिल है। वहीं नूंह का कोटा खंडेवला, गंगवानी, मोहम्मदपुर अहीर, खरक जलालपुर, भंगो और चाहल का गांव इसमें आएगा।

बैटरी चलित वाहनों से होगी जंगल सफारी

अधिकारियों के अनुसार, इस सफारी में लोगों को सभी तरह के जानवर देखने को मिलेंगे। इस सफारी में आने वाले लोग बैटरी चलित वाहनों से ही घूम सकेंगे ताकि अरावली पर्वत शृंखला की हरियाली और पर्यावरण को नुकसान न हो। यहां पर लोगों को पिकनिक मनाने, डेस्टिनेशन वेडिंग करने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से प्‍लान तैयार किया जा रहा है।

अरावली में बढ़ रही तेंदुओं की संख्या

20 वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में खनन पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से पर्यावरण के लिहाज से अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं। हरियाली के साथ-साथ वन्य जीवों की बढ़ती संख्या भी बढ़ रही है। खासतौर से तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। साल 2017 में हुई गणना में अरावली में करीब 31 तेंदुए थे और अब इनकी संख्या 50 से ज्यादा हो गई है। हालांकि सड़क हादसे में कुछ तेंदुओं की मौत भी हो गई। इनके अलावा गीदड़ , लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, कस्तूरी बिलाव, लोमड़ी, भेड़िया की संख्या भी बढ़ी है।

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