भाजपा का दावा सवालों में घिरे तो एनडीएमसी की बैठक बीच में छोड़ निकले केजरीवाल

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August 25, 2026

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भाजपा का दावा सवालों में घिरे तो एनडीएमसी की बैठक बीच में छोड़ निकले केजरीवाल

-सदस्य द्वारा नई दिल्ली के स्कूलों के विकास का मुद्दा उठाये जाने से चिढे सीएम

नई दिल्ली/- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) की बैठक बीच में ही छोड़ दी। बीजेपी का कहना है कि नगर निगम के एक सदस्य ने नई दिल्ली में स्कूलों के विकास का मुद्दा उठाया जिससे केजरीवाल चिढ़ गए और वहां से चले गए। पार्टी ने बकायदा इसका वीडियो भी जारी किया है जिसमें देखा जा सकता है कि सीएम मीटिंग के बीच में ही उठ खड़े हुए और बिना एक शब्द कहे चले गए।

दिल्ली सरकार के प्रवक्ता ने भाजपा के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मुख्यमंत्री नई दिल्ली के विधायक होने के कारण एनडीएमसी के सदस्य हैं। दिल्ली भाजपा महासचिव कुलजीत चहल, जो एनडीएमसी के सदस्य भी हैं, ने बुधवार को परिषद की बैठक का एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें केजरीवाल मौजूद थे। दो मिनट के वीडियो में चहल हाथ में कुछ दस्तावेज लिए नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के स्कूलों के बारे में सवाल करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि केजरीवाल पहले चहल की बात सुनते हैं और फिर उठकर चले जाते हैं।

चहल ने कहा, ’मेरे द्वारा उठाए गए प्रश्न एक आरटीआई के जवाब से संबंधित थे। आरटीआई के मुताबिक, सीएम जो नई दिल्ली से विधायक हैं, ने एनडीएमसी स्कूलों के लिए अपने फंड का इस्तेमाल नहीं किया है। हमने उनसे पूछा कि दिल्ली सरकार एनडीएमसी स्कूलों में शिक्षकों के 298 रिक्त पदों को क्यों नहीं भर रही है। क्या उन्होंने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कोई निर्देश दिया है? वे दुनिया को अपना शिक्षा मॉडल बेच रहे हैं। लेकिन सीएम ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के स्कूलों में सुविधाओं में सुधार के लिए अपने विधायक निधि से धन स्वीकृत नहीं किया है।’

भाजपा विधायक और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री को संविदा कर्मियों और अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर सवालों के जवाब देने चाहिए। दिल्ली में 2013 में जब से सरकार आई है तब से आप ने स्कूल के बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम में सुधार और शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए सरकारी संसाधनों का अधिकतम हिस्सा आवंटित किया है।

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