आरबीआई ने बढ़ाई ब्याज दरें, 4.4 से 5.9 हुआ रेपो रेट,

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आरबीआई ने बढ़ाई ब्याज दरें, 4.4 से 5.9 हुआ रेपो रेट,

-कार व होम लोन की ईएमआई पर पड़ेगा असर ? जानिये अब कितने ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे?

नई दिल्ली/- भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बार फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। आरबीआई के इस फैसले से ईएमआई पर लोन लेने वालों को बड़ा झटका लगा है। रेपो रेट बढ़ने से यह तय हो गया है कि अब उन्हें अपने लोन की ज्यादा ईएमआई चुकानी पड़ेगी।

आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के फैसला लेने के बाद मई महीने से इसमें अब तक 150 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे सबसे बड़ा झटका बैंक से लोन लेने वालों को लगा है। रेपो रेट के बढ़ने से बैंक जाहिर तौर पर अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेंगे। ऐसे में यह तय हो गया है कि उनकी ओर से दिए गए लोन्स की ईएमआई बढ़ जाएगी। होगा यह कि मई महीने में अगर कोई लोन बैंक ने 6.5 फीसदी के ब्याज दर पर दिया था, रेपो रेट बढ़ने के बाद वह उस लोन की ब्याज दर कम से कम डेढ़ प्रतिशत का इजाफा कर देगी। ऐसे में 6.5 प्रतिशत की ब्याज फीसदी पर लिए गए लोन पर अब बैंक कम से कम आठ प्रतिशत सालाना ब्याज चार्ज करेगी।

दस लाख रुपये के होम लोन पर हर महीने 778 रुपये ज्यादा पेमेंट करना पड़ेगा

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने छह महीने पहले 6.5 प्रतिशत की दर पर बैंक से दस लाख रुपये का होम लोन 10 वर्ष के लिए लिया था। उसके लोन की ईएमआई उस समय 11,355 रुपये थी। उस समय से अब तक रेपो रेट में 150 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो गई है। इसका मतलब यह हुआ कि बैंक ने उस वक्त जो लोन 6.5 प्रतिशत की ब्याज दर पर लिया था उसपर वह कम से कम 1.5 प्रतिशत या उससे अधिक चार्ज करेगा। अगर बैंक सबसे कम 1.5 प्रतिशत ही अतिरिक्त ब्याज चार्ज करता है तो अब उपरोक्त लोन की ब्याज दर 6.5 प्रतिशत से बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगी। इस तरह उसे लोन पर अब नई ईएमआई 8 प्रतिशत के ब्याज दर के हिसाब से 12,133 रुपये प्रति महीने हो जाएगी। ऐसे में उस व्यक्ति को अब बीते मई महीने की तुलना में अपने लोन पर 778 रुपये अधिक ईएमआई चुकानी पड़ेगी। यानी 10 लाख लोन के बदले पहले चुकाने पड़ते थे = 13,62,576 रुपये और अब चुकाने पड़ेंगे = 14,55,931 रुपये।

होम लोन की ईएमआई बढ़ने की चिंता? कुछ तरीके अपनाकर आप ईएमआई के बोझ को कुछ हल्का कर सकते हैं-

केंद्रीय बैंक आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में अचानक दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया जिसके बाद बैंक भी कर्ज महंगा कर रहे हैं। ऐसे में अब लोन लेना महंगा हो गया है। कुछ समय पहले तक होम लोन की दरें रिकॉर्ड निचले स्तर पर थी लेकिन अब अपने घर का सपना पूरा करना भी महंगा हो गया है हालांकि कुछ तरीके अपनाकर आप ईएमआई के बोझ को कुछ हल्का कर सकते हैं। नीचे कुछ ऐसे ही तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

डाउनपेमेंट राशि बढाएं

जब आप होमलोन लेते हैं तो आपको कुछ राशि डाउनपेमेंट करनी होती हैं होम लोन लेना अब महंगा हो रहा है तो कोशिश करें कि डाउन पेमेंट में अधिक राशि हों इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपको लोन लेना है 25 लाख रुपये का 6.75 फीसदी की दर पर 20 साल के लिए तो आपकी ईएमआई बनेगी 19009 रुपये और आपको कुल 20,62,183 रुपये ब्याज में चुकाने होंगे। अब अगर आपने 2 लाख रुपये डाउनपेमेंट में चुका दिए हैं तो आपको 23 लाख रुपये का लोन लेना होगा। इस परिस्थिति में आपको 17488 रुपये की ईएमआई देनी होगी और कुल 18,97,207 रुपये का ब्याज चुकाना होगा। इसका मतलब हुआ कि आपको ईएमआई कम देनी होगी और ब्याज पर आपके 1,64,976 रुपये बचेंगे।

लोन की अवधि बढ़ा लें

जल्द से जल्द लोन चुकता करने के लिए कम समय का लोन लेने पर ईएमआई का भार बढ़ जाता है। ईएमआई कम करने के लिए आप लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं हालांकि इस विकल्प का इस्तेमाल करते समय ध्यान दें कि ब्याज पर अधिक राशि खर्च होगी। जैसे कि 25 लाख का लोन 6.75 फीसदी की दर पर अगर 20 साल के लिए लिया गया तो 19,009 की ईएमआई बनेगी और 20,62,183 रुपये ब्याज में चुकाने होंगे। वहीं अगर लोन अवधि 25 वर्ष कर दिया जाए तो ईएमआई 17,273 रुपये रह जाएगी लेकिन ब्याज में 26,81,838 रुपये चुकाने होंगे।

प्री-पेमेंट

अगर आपको किसी अन्य स्रोत से एकमुश्त रकम मिल गई है तो आप प्री-पेमेंट करके ईएमआई को कम करवा सकते हैं. प्री-पेमेंट की गई राशि से मूलधन यानी कि जो राशि कर्ज में ली गई है, उसे एडजस्ट किया जाता है और यह राशि कम हुई तो इसका असर ईएमआई पर दिखेगा। इस विकल्प को चुनने से पहले बैंक से पेनाल्टी इत्यादि की जानकारी जरूर हासिल कर लें।

होम लोन ट्रांसफर

अगर आपने जिस बैंक से लोन लिया है, उससे सस्ती दर पर किसी अन्य बैंक में कर्ज मिल रहा है तो वहां पर लोन ट्रांसफर करा लें। इस विकल्प का इस्तेमाल करते समय प्रोसेसिंग फीस इत्यादि की डिटेल्स लेकर वास्तविक फायदे का कैलकुलेशन जरूर कर लें

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