ईरान में बेकाबू हुए हालात, 80 शहरों में फैला प्रदर्शन;

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July 21, 2026

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ईरान में बेकाबू हुए हालात, 80 शहरों में फैला प्रदर्शन;

-सुरक्षाबलों के साथ झड़प में अब तक 26 मौतें

तेहरान/- ईरान में 22 वर्षीय एक कुर्द युवती की हिरासत में हुई मौत को लेकर सरकार के खिलाफ व्यापक स्तर पर हो रहा प्रदर्शन करीब 80 शहरों में फैल गया है। महिला को पुलिस ने हिजाब से जुड़े सख्त कानून का कथित तौर पर उल्लंघन करने को लेकर गिरफ्तार किया था। माहसा अमीनी की मौत के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतर कर सरकार विरोधी नारे लगाये, जो इस्लामिक शासन को और देश के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई के प्रति लक्षित थे। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं थीं।
              ईरानी सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार को कहा कि सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 26 पहुंच गई है। बताया जाता है कि यह अशांति हाल के वर्षों में सबसे व्यापक है, जो करीब 80 ईरानी शहरों में फैल गई है। इसने बताया कि मशहद, कुचान, शिराज, तबरीज और कराज में प्रदर्शकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान कम से कम पांच सुरक्षा कर्मी मारे गये हैं और कई अन्य घायल हो गए।

महिलाओं ने सड़क पर जलाया हिजाब
अमीनी की मौत ने इस्लामी राष्ट्र में व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पाबंदियों को लेकर लंबे समय से व्याप्त रोष को भड़का दिया है। पिछले कुछ दिनों में, कुछ प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सड़कों पर अपने हिजाब जला दिये, जिसे एक अवज्ञा की एक अभूतपूर्व गतिविधि के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, प्रदर्शनकारी पुरुषों ने धार्मिक नगरी कोम और इस्फहान सहित कई शहरों में  सर्वोच्च नेता के पोस्टर जलाए।

प्रदर्शन में सुलेमानी के पोस्टर जलाए गए
प्रदर्शनकारियों ने रिवोल्युशनरी गार्ड के कमांडर कासिम सुलेमानी के पोस्टर फाड़ डाले और जला दिए। सुलेमानी जनवरी 2000 में अमेरिका के एक ड्रोन हमले में अपने गृह नगर केरमान में मारे गये थे। ईरानी कानून यह प्रावधान करता है कि सभी महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर सिर को कपड़ों से ढंक कर रखेंगी और ढीले परिधान पहनेंगी।

इस्लामी क्रांति के बाद से नियम है लागू
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से यह नियम लागू है। यह देश में हर महिला पर लागू होता है। उत्तर-पश्चिमी शहर साकेज की रहने वाली अमीनी की तीन दिनों तक कोमा में रहने के बाद 16 सितंबर को मौत हो गई थी। वह तेहरान में अपने भाई के साथ थी, जब उसे सैन्य पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह एक हिरासत केंद्र में गिरने के कुछ ही देर बाद कोमा में चली गई थी।

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