अदम्य साहस के लिए सहायक कमांडेंट विभोर को शौर्य चक्र से किया जाये सम्मानित- एचआर सिंह

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April 18, 2026

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अदम्य साहस के लिए सहायक कमांडेंट विभोर को शौर्य चक्र से किया जाये सम्मानित- एचआर सिंह

-पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने बताया- विभोर ने नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में अपनी दोनो टांगे गंवा दी थी

नई दिल्ली/- 25 फरवरी 2022 को जिला जहानाबाद के घने जंगलों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में अपनी दोनों टांगें राष्ट्र के लिए गंवाने वाले कोबरा असिस्टेंट कमांडेंट विभोर कुमार सिंह 205 बटालियन के लिए पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने उनके अदम्य साहस व युद्ध कोशल के लिए सरकार से शौर्य चक्र से सम्मानित करने की मांग की है ताकि वह जवानों की हौसला अफजाई व टीम मनोबल बढाते रहे ओर फायर का जवाब फायर से देते रहे।
                महासचिव रणबीर सिंह ने प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि असिस्टेंट कमांडेंट विभोर कुमार सिंह द्वारा निभाई गई उच्च कोटि के सर्वोच्च कर्तव्य परायणता एवं कमांड कंट्रोल,आई डी ब्लास्ट में पांव उड़ जाने, तीव्र रक्तश्राव, अत्यंत गंभीर घायल अवस्था में अपने ट्रूप्स के मनोबल एवं हौसला अफजाई एवं अदम्य साहस प्रदर्शन के लिए आईजी बिहार सैक्टर द्वारा शौर्य चक्र देने साथ ही हवलदार रेडियो आपरेटर सुरेंद्र यादव को पीपीएमजी पदक से सम्मानित करने हेतु डीजी बिहार पुलिस व विशेष पुलिस महानिदेशक सीआरपीएफ कोलकाता को संस्तुति भेजी गई।
              पूर्व एडीजी सीआरपीएफ श्री एच.आर सिंह के कहे अनुसार कोबरा सहायक कमांडेंट के साहस को दाद देनी पड़ेगी कि उनका एक पैर ब्लास्ट में उड़ जाने के बावजूद अपने ट्रूप्स को उच्च कोटि का नेतृत्व प्रदान किया। आईजी सीआरपीएफ जोकि हैड आफ डिपार्टमेंट होते हैं उनके द्वारा कोबरा के अदम्य साहस एवं सर्वश्रेष्ठ कर्तव्य परायणता के लिए जांच कमेटी द्वारा शौर्य चक्र की संस्तुति को माननीय महानिदेशक महोदय कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं क्या  डीजी साहब के द्वारा प्रैस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहे गए शब्दों का असर कोबरा बटालियन के जवानों एवं आफिसर्स के कर्तव्य परायणता एवं निष्ठा पर डालेगा जो पिछले 20 सालों से नक्सली प्रभावित राज्यों में लाल आतंक से जूझ रहे हैं ओर जिन्होंने सैंकड़ों शहादते दी है।

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