युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की मार्मिक अपील, कहा- अगर दुनिया ऐसे ही दूर खड़ी रही, तो हम हार जाएंगे

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युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की मार्मिक अपील, कहा- अगर दुनिया ऐसे ही दूर खड़ी रही, तो हम हार जाएंगे

-यूक्रेन में तबाही के लिए पश्चिमी देशों को बताया जिम्मेदार, कहा- 13 दिनों में भी नही ले पाये जरूरी फैसले

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने दुनिया को भावुक मैसेज दिया है. उन्होंने अपनी मार्मिक अपील में कहा कि अगर दुनिया ऐसे ही दूर खड़ी रही तो हम हार जाएंगे. जीवन को बचाने के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। जेलेंस्की ने यूक्रेन के शहरों और नागरिकों को रूसी बमों से नहीं बचाने के लिए पश्चिमी मुल्कों को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मुल्क पिछले 13 दिनों में स्पष्ट रूप से जरूरी फैसले लेने में विफल रहे हैं। ये मुल्क यूक्रेन को बमों से बचाने में भी विफल रहे हैं। दरअसल, जेलेंस्की का इशारा यूक्रेन को नो फ्लाई जोन घोषित नहीं करने और रूसी हमलों को सीमित करने में विफल रहने की तरफ था।
               यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘रूस को निर्दोष लोगों की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. लेकिन पिछले 13 दिनों से चल रही जंग की साझा जिम्मेदारी पश्चिमी देशों की भी है, जो जरूरी फैसले को मंजूरी नहीं दे पाए हैं। इन मुल्कों ने बमों और मिसाइलों से यूक्रेन को नहीं बचाया है।’ उन्होंने कहा, ‘रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति हमें मानवीय मिशन वाहनों पर उनके प्रतीक का उपयोग करने से मना कर रही है। यह बहुत हैरान करने वाला है।’ जेलेंस्की इस युद्ध में एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं, जो अभी तक रूस के साथ लोहा ले रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी को जंग की शुरुआत हुई थी।
                वहीं, जेलेंस्की ने युद्ध के दौरान सुरक्षित निकासी की कोशिश कर रहे यूक्रेनी नागरिकों के लिए ह्यूमैनेटेरियन कॉरिडोर के विस्तार और रेड क्रॉस से अधिक सहयोग का आह्वान किया है। एक अज्ञात जगह से मंगलवार को दिए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि दक्षिणी समुद्री बंदरगाह शहर मारियुपोल में नाकेबंदी के बीच शरीर में पानी की कमी होने से एक बच्चे की मौत हो गई। यह इस बात का संकेत है कि शहर के लोग कितने हताश हो गए हैं। उन्होंने एक बार फिर पश्चिमी देशों से हवाई मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि निकासी बसों का मारियुपोल भेजा गया है. लेकिन रास्तों को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बनी, इसलिए रूसी बल रास्ते में इन्हें आसानी से निशाना बना सकते हैं।
                 दूसरी ओर, यूक्रेन के दो संकटग्रस्त शहरों से लोगों की निकासी के लिए बसें मंगलवार को सुरक्षित गलियारों से निकलीं। वहीं अधिकारियों ने कहा कि रूस के हमलों के बाद यूक्रेन छोड़कर जाने वाले लोगों की संख्या मंगलवार को 20 लाख पहुंच गयी। रूस के हमलों के बाद यूक्रेन के कुछ इलाकों में लोग फंस गये हैं। जहां उनके पास खाना, पानी और दवाओं की कमी हो रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह यूरोप में सबसे बड़ा युद्ध चल रहा है. लेकिन यूक्रेन के अधिकारियों ने मंगलवार को कुछ वीडियो पोस्ट किए जिनमें लोगों से खचाखच भरी बसों को देखा जा सकता है। ये बसें पूर्वी शहर सूमी और अन्य इलाकों से बर्फ से ढकी एक सड़क पर चलती देखी जा सकती हैं।

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