गोवा चुनाव में दोस्ती को लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का बड़ा बयान

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गोवा चुनाव में दोस्ती को लेकर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का बड़ा बयान

-कहा- ’राकांपा-शिवसेना से गठबंधन नहीं, लेकिन वे फिर भी दोस्त रहेंगे’

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/पण्जी/शिव कुमार यादव/- गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ चुनाव प्रेक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे पी चिदंबरम ने राज्य चुनाव में राकांपा-शिवसेना से गठबंधन नही होने पर अफसोस जताते हुए कहा कि फिर भी हम दोस्त रहेंगे। उन्होने टीएमसी के राज्य चुनाव में कूदने पर कहा कि टीएमसी ने कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नही किया है। फिर भी उन्होने कहा कि राज्य में कांग्रेस व भाजपा के बीच ही एकमात्र सीधा मुकाबला है और कांग्रेस भाजपा को इस बार हरा देगी।
               कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को गोवा विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों पर बात की। उन्होंने कहा कि गोवा के लिए कांग्रेस का शिवसेना या राकांपा से गठबंधन नहीं हो पाया, जबकि उन्होंने इसके लिए काफी कोशिशें कीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन न हो पाने के बावजूद इन दोनों पार्टियों की कांग्रेस के साथ दोस्ती रहेगी और  वे आगे साथ काम करने के मौके तलाशती रहेंगी।
                चिदंबरम को गोवा में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ चुनाव प्रेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने राज्य चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कूदने को लेकर भी निशाना साधा। चिदंबरम ने कहा कि टीएमसी ने कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं किया, जबकि उन्हें इसका प्रस्ताव भी दिया गया था। लेकिन उस पार्टी (टीएमसी) ने कांग्रेस नेताओं को लालच देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
                 कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने साफ किया कि उन्हें पार्टी नेतृत्व की तरफ से टीएमसी से चर्चा करने का कोई निर्देश नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा है कि पार्टी नेतृत्व ने सभी तथ्यों और हालात को देखते हुए अपनी नीति तैयार की है।“ गोवा के लिए कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने को लेकर हुए सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि इसका फैसला सभी प्रत्याशियों से चर्चा के बाद ही लिया जा सकता है। सीएम सभी की सहमति के बाद ही तय होगा।  
               चिदंबरम ने कहा कि गोवा के विधानसभा चुनाव कांग्रेस-गोवा फॉरवर्ड पार्टी और भाजपा के बीच हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस इन चुनावों में आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों खासकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना के साथ गठजोड़ क्यों नहीं कर पाई, चिदंबरम ने कहा कि राकांपा और शिवसेना महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी हैं और वह उन्हें गोवा में भी सहयोगी बनाना पसंद करती।
                 महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया, जिसे महाविकास आघाड़ी (एमवीए) नाम दिया गया। शिवसेना और राकांपा ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वे गोवा चुनाव एक साथ लड़ेंगे।
               गठजोड़ नहीं करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस की स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे कुछ महीने पहले गोवा में दाखिल हुए और मेरी खास मित्र ममता जी ने गोवा में घोषणा की कि टीएमसी ने गठबंधन किया है और उनके गठबंधन में शामिल होने के लिए किसी भी अन्य पार्टी का स्वागत है। टीएमसी के महासचिव ने घोषणा की कि टीएमसी सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। फिर उन्होंने कांग्रेस विधायक लुइजिन्हो फलेरियो को टीएमसी में आने का प्रलोभन दिया।’’

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