यूक्रेन संकट पर अकेला पड़ा अमेरिका!, फ्रांस-जर्मनी तीसरे विश्वयुद्ध को टालने में जुटे

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यूक्रेन संकट पर अकेला पड़ा अमेरिका!, फ्रांस-जर्मनी तीसरे विश्वयुद्ध को टालने में जुटे

-चीन भी आया रूस के साथ, उठाई यह मांग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देश-विदेश/शिव कुमार यादव/- यूक्रेन संकट पर अमेरिका अब अकेला पड़ गया है। अमेरिका को चीन का साथ मिलने की उम्मीद भी अब खत्म हो गई है। चीन अब रूस के साथ खड़ा हो गया है। रूस का समर्थन करने वाले चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश की उचित सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और समस्या का हल निकाना जाना चाहिए।
 विओन न्यूज की अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को कहा कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से कहा कि यूक्रेन के प्रति रूसी आक्रामकता से वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक जोखिम पैदा होंगे। ब्लिंकन ने चीनी विदेश मंत्री से कहा कि संकट को हल करने का एकमात्र तरीका डी-एस्केलेशन एंड डिप्लोमेसी था।
 अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि रूस ने यूक्रेन की सीमा पर देश पर अटैक करने के इरादे से 100,000 से अधिक सैनिकों को इकट्ठा किया है। हालांकि, राष्ट्रपति पुतिन ने इस आरोप को खारिज कर दिया है कि रूसी सैनिक देश के अंदर कहीं भी मूव कर सकते हैं। रूस ने पिछले महीने संयुक्त राज्य अमेरिका और नाटो को एक सुरक्षा दस्तावेज सौंपा थे जिसमें उन्हें यूरोपीय सैन्य गठबंधन में यूक्रेन की भागीदारी का जिक्र करते हुए रूस के पूर्वी क्षेत्र में अपनी सीमा का विस्तार नहीं करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि बाइडेन प्रशासन ने कूटनीतिक समाधान की बात कहते हुए रूस की सुरक्षा मांग को खारिज कर दिया है। ब्लिंकन ने यूक्रेन के लिए भविष्य की सदस्यता पर नाटो के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारे दृष्टिकोण से, मैं और अधिक स्पष्ट नहीं कह सकता है। नाटो का दरवाजा खुला है, खुला रहता है और यही हमरी प्रतिबंद्धता है।
  रूस का समर्थन करने वाले चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश की ’उचित सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और हल किया जाना चाहिए’ जबकि वांग ने ब्लिंकन को बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा की गारंटी सैन्य ब्लॉकों को मजबूत करने या यहां तक कि विस्तार करने से नहीं दी जा सकती है“।

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