खाद्य तेल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15 रुपये तक हो सकता है सस्ता

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खाद्य तेल पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 15 रुपये तक हो सकता है सस्ता

-त्यौहारी सीजन में उपभोक्ताआों को मिलेगी राहत,

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/बाजार/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- बीते कुछ महीनों से खाने के तेल की महंगाई ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस कदम के बाद खाने के तेल 15 रुपए तक सस्ते हो सकते हैं।
सरकार का कदम क्या हैः सरकार ने पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कच्ची किस्मों पर मूल सीमा शुल्क को हटा दिया है और इसके साथ ही रिफाइंड खाद्य तेलों पर शुल्क में कटौती की है। इस कदम से त्योहारी मौसम में खाद्य तेलों की कीमतों को कम करने और उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद मिलेगी।
                    खाद्य तेल उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने कहा कि इससे आसमान छूती खाद्य तेलों की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ सकती है। एसईए के कार्यकारी निदेशक बी वी मेहता ने कहा, “इस शुल्क कटौती के फैसले के बाद रिफाइंड पाम तेल की खुदरा कीमतों में 8-9 रुपये प्रति लीटर की कमी आ सकती है, जबकि रिफाइंड सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की कीमतों में 12-15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो सकती है।’’
                      हालांकि, बी वी मेहता ने कहा कि यह इस फैसले के लिए सही समय नहीं है, क्योंकि इससे किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। मेहता ने कहा, ‘‘सोयाबीन और मूंगफली की कटाई शुरू हो गई है। आयात शुल्क को कम करने के निर्णय से बाजार की कीमतों में कमी आ सकती है और किसानों को कम कीमत मिल सकती है।’’ उन्होंने कहा कि आमतौर पर भारत द्वारा अपने आयात शुल्क को कम करने के बाद अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि होती है।
                     उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल नौ अक्टूबर को सोया तेल की औसत खुदरा कीमत 154.95 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो एक साल पहले की समान अवधि के 106 रुपये प्रति किलोग्राम से 46.15 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, सरसों तेल की औसत कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 184.43 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पहले 129.19 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि वनस्पति की कीमत 43 प्रतिशत बढ़कर 136.74 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पहले 95.5 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
                    सूरजमुखी के मामले में, इसकी औसत खुदरा कीमत इस साल नौ अक्टूबर को 38.48 प्रतिशत बढ़कर 170.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 122.82 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि पाम तेल की कीमत 38 प्रतिशत बढ़कर 132.06 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जो पहले 95.68 रुपये किलो थी।
                   आयातः इंडोनेशिया और मलेशिया भारत को आरबीडी पामोलिन और कच्चे पाम तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। देश मुख्य रूप से अर्जेंटीना से और उसके बाद ब्राजील से कच्चे सोयाबीन के तेल का आयात करता है, जबकि कच्चे सूरजमुखी तेल मुख्य रूप से यूक्रेन से आयात किया जाता है, इसके बाद रूस और अर्जेंटीना का स्थान आता है।

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