एमएसपी पर आंच आई तो दूंगा सबसे पहले इस्तीफा- दुष्यंत चैटाला

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एमएसपी पर आंच आई तो दूंगा सबसे पहले इस्तीफा- दुष्यंत चैटाला

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला ने कहा कि यदि एमएसपी पर थोड़ी सी आंच आई तो वह सबसे पहले सरकार से इस्तीफा देंगे। उन्होने कहा कि उनकी सरकार हमेशा किसानों के साथ है और किसानों की भलाई के लिए ही काम कर रही है। उन्होने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब वो सत्ता में थे तो उस समय किसान दर-दर भटक रहे थे लेकिन अब भाजपा-जजपा सरकार ने किसानों को स्थायित्व देने के साथ-साथ फसलों का उचित मुल्य भी दिया है जबकि पंजाब व राजस्थान में अभी भी किसानों के साथ दौयम दर्जे का व्यवहार व उत्पीड़न हो रहा है।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला ने वीरवार को अपने आवास पर हुई हरियाणा सरकार की कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई आज की बैठक में आगामी पंचायत चुनाव, रबी की फसलों की खरीद व्यवस्था आदि विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंचायत चुनावों को समय पर करवाया जाए और इसके लिए सरकार ने लिखित में चुनाव आयोग को पत्र भी लिख दिया है। दुष्यंत चैटाला ने कहा कि आगामी फसलों की खरीद को बेहतर तरीके से करने के लिए बैठक में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार जरूरत पड़ने पर खरीद केंद्रों को बढ़ाने जो कि अब 1800 के करीब है, इस बारे सब ने अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए क्योंकि हरियाणा सरकार बड़ी मात्रा में सरसों की खरीद करती है।
उपमुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन से संबंधित सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि इस विषय पर पहले से ही हमारी पार्टी अपना स्टैंड स्पष्ट कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चैटाला ने सबसे पहले बड़ी स्पष्टता से एमएसपी (न्यूतम समर्थन मूल्य) को लिखित में शामिल करने के लिए केंद्र से कहा था, जिसको लेकर केंद्र तैयार हैं। दुष्यंत चैटाला ने कहा कि यह विषय केंद्र सरकार का है और निरंतर किसानों की केंद्र सरकार से बातचीत जारी है और उम्मीद है कि यह विषय जल्द सुलझेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से वे पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि जब तक हम सरकार में हैं, किसानों की फसलों के एक-एक दाने पर एमएसपी सुनिश्चित होगी।
एक अन्य सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने फिर से स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक किसानों की फसलों पर एमएसपी है तब तक वे इस पद बैठे हैं और जिस दिन एमएसपी व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन वे अपना इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं से कहा कि अगर इसके बाद भी किसी को कोई कन्फ्यूजन है तो वे हरियाणा में हुई बाजरे की ऐतिहासिक खरीद को देखें। दुष्यंत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने साढ़े सात लाख मीट्रिक टन बाजरे की ऐतिहासिक खरीद की हैं और 55 हजार मीट्रिक टन और बाजार खरीदने की अनुमति भी दे दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कपास, दाल, मक्का, मूंगफली की भी खरीद एमएसपी पर की। उन्होंने कहा कि आगामी छोटी फसलों की भी सरकार उचित ढंग से खरीद करेगी।
दुष्यंत चैटाला ने कहा कि विपक्षी नेताओं को केवल जननायक जनता पार्टी की चिंता है। उन्होंने जननायक चै. देवीलाल की कहावत बताते हुए कहा कि चै. देवीलाल जी कहते थे कि किसानों की बात सरकार तभी सुनती है जब किसान की हिस्सेदारी सरकार में हो। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी फसल के उचित दाम दिलाना की उनकी पूरी जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की बात रखने के लिए वे निरंतर केंद्र सरकार के संपर्क में हैं और उनकी केंद्रीय मंत्रियों जो कि किसानों की बात सुनने के लिए कमेटी में शामिल हैं, उनसे बातचीत भी हुई हैं। दुष्यंत ने कहा कि किसानों को लेकर प्रदेश की तरफ से जेजेपी और राज्य सरकार निरंतर केंद्र को सुझाव भी दे रही है और केंद्र सरकार निरंतर किसानों को बुलाकर उनकी बात सुन रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लिखित में किसानों के हित में बदलाव के लिए तैयार है और ये किसानों के संघर्ष की जीत है। दुष्यंत चैटाला ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब जल्द किसान अपने फायदे को समझेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे पहली और बड़ी मांग एमएसपी को लिखित तौर शामिल करने की थी।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चैटाला ने कहा कि आज हरियाणा सरकार एमएसपी पर किसानों की फसलों को बेहतर तरीके से खरीद रही है और आगे भी यह व्यवस्था जारी रहेगी जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब व राजस्थान में ऐसा नहीं हैं और वहां बाजरा सड़कों पर बिक रहा हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने तो किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि बिजाई के सीजन में पंजाब के किसानों के पास न खाद पहुंच पाई और न ही बीज। उन्होंने कहा कि इस तरह से पंजाब सरकार द्वारा योजनाबद्ध ढ़ंग से किसानों को परेशान किया गया जिससे आज पंजाब के किसानों में रोष हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox