556वीं गुरु नानक जयंती पर द्वारका में भव्य नगर कीर्तन

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October 8, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-       गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती के पावन अवसर पर द्वारका क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। इस शुभ दिन पर क्षेत्रवासियों ने गुरुपर्व को बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया। अपने निवास स्थान वैशाली-डाबड़ी द्वारका में परिवार सहित नगर कीर्तन का भव्य स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूरे क्षेत्र में गुरु नानक देव जी के उपदेशों की गूंज और “वाहेगुरु” के जयकारों से वातावरण पवित्र हो उठा।

श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा पूरा क्षेत्र
सुबह से ही सड़कों पर सजे नगर कीर्तन के स्वागत के लिए श्रद्धालु उत्साहपूर्वक एकत्रित हुए। कीर्तन दलों द्वारा गाई जा रही गुरबाणी की मधुर धुनों और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया और गुरु परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।

गुरु नानक देव जी के उपदेशों का रहा व्यापक संदेश
कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी मानवता, समानता और एकता का अमर संदेश देते हैं। “न किसी से बैर, न किसी से भेद”—इसी भावना के साथ सभी ने समाज में प्रेम, भाईचारा और सेवा भाव का संकल्प दोहराया।

संगत और परिवार का भव्य आयोजन में योगदान
स्थानीय निवासियों और संगत ने मिलकर नगर कीर्तन के स्वागत हेतु सुंदर साज-सज्जा और लंगर की व्यवस्था की। परिवार के सभी सदस्यों ने श्रद्धा से सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम में और भी भव्यता जुड़ गई। यह आयोजन स्थानीय समुदाय के एकता और समर्पण का प्रतीक बना।

वाहेगुरुजी का खालसा, वाहेगुरुजी की फतेह!
कार्यक्रम का समापन गुरु नानक देव जी की अरदास और “वाहेगुरुजी का खालसा, वाहेगुरुजी की फतेह” के जयघोष के साथ हुआ। श्रद्धालु इस ऐतिहासिक दिवस को सद्भावना, शांति और प्रेम के प्रतीक के रूप में याद करते रहेंगे।

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