5जी टेक्नोलॉजी पर जूही चावला की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

5जी टेक्नोलॉजी पर जूही चावला की याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी

-कोर्ट ने मुकदमे को बताया मीडिया पब्लिसिटी, लगाया 20 लाख का जुर्माना

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- 5जी टेक्नोलाॅजी के खिलाफ बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला ने हाईकोर्ट में याचिका डालकर इसे रोकने की मांग क्ी थी। जिसपर दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेत्री की याचिका पर सुनवाई करते हुए न केवल उसे खारिज कर दिया बल्कि इसे मीडिया पब्लिसिटी भी बता दिया। साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई और उन्हे बड़ा झटका देतेे हुए अभिनेत्री पर 20 लाख का जुर्माना भी कर दिया।
                   बता दें कि अपनी याचिका में जुही चावला ने दावा किया गया था कि 5जी वायरलेस तकनीक योजनाओं से इंसानों, पशु पक्षियों और वातावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा है। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया है और उन पर जुर्माना लगाया जाता है।
                   कोर्ट का कहना है कि इससे प्रतीत होता है कि इस मुकदमें को सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दायर किया गया था। दरअसल जूही चावला ने सुनवाई का लिंक भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। जूही की याचिका पर फैसला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इनकी याचिका में सिर्फ कुछ ही ऐसी जानकारी है जो सही है बाकी सिर्फ कयास लगाए गए हैं और संशय जाहिर किया गया है। कोर्ट ने इसके साथ ही जूही चावला से कहा कि वो इस मामले में नियमों के साथ जो कोर्ट की फीस बनती है वो भी जमा करें।
                    बता दें कि इससे पहले सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे आर मिधा की पीठ ने 2 जून को मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने कहा था कि जूही चावला दोषपूर्ण हैं और ये याचिका सिर्फ मीडिया पब्लिसिटी के लिए दायर की गई। पीठ ने जूही से ये भी पूछा था कि उन्होंने इस मामले में पहले सरकार के पास जाने के बजाय अदात में याचिका दायर क्यों की? कोर्ट ने जूही चावला के सरकार को प्रतिवेदन दिए बिना 5जी वायरलेस नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने के लिए सीधे अदालत आने पर सवाल उठाए। न्यायमूर्ति जे आर ने कहा कि जूही चावला और दो अन्य लोगों को पहले अपने अधिकारों के लिए सरकार से संपर्क करने की आवश्यकता थी और अगर वहां से इनकार होता तब उन्हें अदालत आना चाहिए था।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox