33 साल बाद श्रीनगर के लाल चौक से होकर निकला मोहर्रम का जुलूस, लोगों ने किया स्वागत

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August 17, 2026

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33 साल बाद श्रीनगर के लाल चौक से होकर निकला मोहर्रम का जुलूस, लोगों ने किया स्वागत

-धारा 370 हटने के बाद बदल रहा कश्मीर, दिखी सुरक्षा व सदभाव की तस्वीर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/श्रीनगर/शिव कुमार यादव/- 1990 के बाद पहली बार श्रीनगर के लाल चौक से मोहर्रम का जुलूस निकलना इस बात का साफ संकेत देता है कि अब कश्मीर में बदलाव की बयार बह रही है। 33 साल पहले कश्मीर में जो हो रहा था आज ठीक उसके विपरीत काम हो रहा है। कश्मीर में 1990 में आतंकवाद को देखते हुए लाल चौक पर सुरक्षा की दृष्टि के तहत कोई भी जुलूस निकालने पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन अब 33 साल बाद कश्मीर में फिजा बदली है और लोगों को उनके त्यौहार सार्वजनिक रूप से मनाने की अनुमति दी जा रही है। कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद जो बदलाव हुआ है यह उसी का नतीजा है और कश्मीर में अमन चैन लौटा है। सिया समाज ने उपराज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है।

जम्मू कश्मीर में 1990 के बाद पहली बार शिया मुसलमानों का मुहर्रम जुलूस श्रीनगर के लाल चौक और आसपास के इलाकों से निकला। गुरुवार को हजारों शिया मुसलमान इस जुलूस में शामिल हुए। दरअसल 1990 में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की शुरुआत के साथ ही श्रीनगर के लाल चौक और आसपास के इलाकों में मोहर्रम के जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया था। यह प्रतिबंध कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने लगाया था लेकिन अब की बार धार्मिक गुरु ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को मोहर्रम का जुलूस निकालने की अपील की थी। इसके बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शिया मुसलमानों को लाल चौक के बीच से मोहर्रम का जुलूस निकालने की अनुमति दी।

श्रीनगर  के लाल चौक इलाके के आसपास भी कई सारे सिया मुसलमान रहते हैं। बीते 3 दशकों से सरकार की तरफ से उनके जुलूस ना निकाले जाने से लोग काफी नाखुश थे लेकिन 33 साल बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उनकी मांग स्वीकार की और उसके लिए लाल चौक के आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। यहां तक कि इस मुहर्रम जुलूस में सैंकड़ों मुसलमानों का साथ देने के लिए श्रीनगर के मेयर जुनैद मट्टू के साथ-साथ श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद एजाज भी शामिल हुए। 1990 से पहले भी सैकड़ों लोग श्रीनगर के लाल चौक से इसी तरह मुहर्रम का जुलूस निकालते थे। मुसलमानों की मुराद को पूरा करने के लिए श्रीनगर के लाल चौक में आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। लाल चौक से निकलने वाले मोहर्रम के जुलूस में कई ऐसे लोग भी थे जिन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार श्रीनगर के लाल चौक में हुए मोहर्रम जुलूस में भाग लिया। इससे कहीं ना कहीं सरकार का यह दावा भी साबित हुआ कि कश्मीर बदल रहा है।

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