
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- इंडोनेशिया में होने वाले 17वें जी-20 देशों की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। जिसके चलते मोदी 14 से 16 नवंबर तक इंडोनेशिया में ही होंगे। जी-20 की होने वाली इस शिखर बैठक में काफी गहमा-गहमी होने की संभावना है। यूक्रेन संकट के बाद इस बैठक के तीन आयाम तय किये गये हैं। खाद्य व ऊर्जा संकट, स्वास्थ्य क्षेत्र और डिजिटल ट्रांसफारमेशन। अमेरिका व पश्चिमी देशों की तरफ से यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस को घेरने की पूरी कोशिश होगी। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ऐलान किया है कि वह इस बैठक में हिस्सा नही लेंगे बल्कि उनके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव जाएंगे। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाडइन, ब्रिटेन के नए पीएम ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओल्फ शोल्ज समेत अन्य वैश्विक नेता बाली पहुंचने की पुष्टि कर चुके हैं।
अमेरिका व इसके सहयोगी देशों की तरफ से मौजूदा ऊर्जा व खाद्य संकट के लिए रूस का जिम्मेदार ठहराने की पूरी कोशिश होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पीएम मोदी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो की तरफ से औपचारिक तौर पर बैठक की अध्यक्षता सौंपी जाएगी। वहीं एपी के अनुसार जी -20 आयोजनों के प्रमुख लुहुत बिनसर पंडजैतन ने कहा कि पुतिन का नहीं आने का निर्णय “हम सभी के लिए सबसे अच्छा“ है। इंडोनेशिया सरकार के अधिकारियों की ओर से रूसी राष्ट्रपति को पहले ही यूक्रेन युद्ध के चलते अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ संभावित टकराव से बचने की सलाह दी जा रही थी।





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