100 करोड़ की वसूली के आरोप में अनिल देशमुख ने दिया इस्तीफा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 29, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

100 करोड़ की वसूली के आरोप में अनिल देशमुख ने दिया इस्तीफा

- महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, बाॅम्बे हाईकोर्ट के सम्मान के लिए उठाया कदम

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/महाराष्ट्र/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के लेटर बम की गाज महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर गिर गई है। अनिल देशमुख ने 100 करोड़ रुपये की वसूली के सनसनीखेज आरोप के बाद सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
                   महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद अनिल देशमुख ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई। इसके बाद, शरद पवार ने भी सहमति दे दी। मलिक ने आगे कहा, उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का सम्मान करने के लिए यह कदम उठाया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव को भेजे गए अपने लेटर में अनिल देशमुख ने लिखा है कि उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद गृह मंत्री के रूप में बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं लगता है।
                     बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच में बैठक हुई। शरद पवार के मुंबई स्थित घर पर हुई इस मीटिंग में अनिल देशमुख और सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। बैठक में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई क्योंकि एनसीपी और एमवीए सरकार के लिए यह शर्मनाक होगा यदि गृह मंत्री को सीबीआई जांच के लिए बुलाया जाता है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने आज सीबीआई को मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच 15 दिन के भीतर पूरी करने का सोमवार को निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंड पीठ ने कहा कि यह असाधारण और अभूतपूर्व मामला है जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।  पीठ तीन जनहित याचिकाओं (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी।
                    मालूम हो कि 25 मार्च को परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए आपराधिक पीआईएल दाखिल की थी जिसमें उन्होंने दावा किया कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने को कहा। हालांकि, अनिल देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox