नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल और एनडीए (NDA) उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को भारत के उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी थे।
मतदान में मिली निर्णायक बढ़त
उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में सी.पी. राधाकृष्णन ने 452 वोट हासिल किए, जबकि जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस तरह राधाकृष्णन ने 152 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी और एनडीए की ताकत को देखते हुए पहले से ही उनके पक्ष में जीत की संभावना जताई जा रही थी। आंकड़ों के अनुसार, एनडीए के पास कुल 427 सांसदों का समर्थन था, वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के 11 सांसदों और अन्य छोटे दलों ने भी उनका समर्थन किया। यहां तक कि विपक्षी खेमे से क्रॉस-वोटिंग की भी खबरें सामने आईं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से दिया इस्तीफा
उपराष्ट्रपति बनने के बाद सी.पी. राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई नियुक्ति होने तक गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
राधाकृष्णन की जीत से एनडीए ने एक बार फिर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का प्रदर्शन किया है। वहीं, देश की दूसरी सबसे ऊंची संवैधानिक कुर्सी पर बैठने के बाद अब सभी की निगाहें उनके कार्यकाल पर टिकी होंगी।


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