शंभू बॉर्डर पर डटे प्रदर्शनकारी किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का ऐलान किया

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 16, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शंभू बॉर्डर पर डटे प्रदर्शनकारी किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का ऐलान किया

अनीशा चौहान/-  शंभू बॉर्डर पर डटे प्रदर्शनकारी किसानों ने 14 दिसंबर को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब हम लोग दिल्ली की तरफ जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारे प्रदर्शन को 303 दिन पूरे हो चुके हैं और किसानों का आमरण अनशन भी 15वें दिन तक जारी है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई भी हमारे संपर्क में नहीं आया।

सरवन सिंह पंढेर ने यह भी बताया कि दोनों संगठनों ने यह तय किया है कि 14 दिसंबर को 101 किसानों का जत्था दिल्ली जाएगा। इस बीच, बुधवार को किसान आंदोलन की सफलता के लिए प्रार्थना की जाएगी। साथ ही, उन किसानों की रिहाई की भी मांग की जाएगी, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पंढेर ने फिल्मी सितारों, गायकों और धार्मिक नेताओं से भी अनुरोध किया कि वे प्रदर्शन का समर्थन करें और हमारे विरोध में साथ आएं।

पहले भी हुई दिल्ली कूच की कोशिश

इससे पहले, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के 101 किसानों के जत्थे ने 6 और 8 दिसंबर को पैदल दिल्ली जाने की कोशिश की थी, लेकिन हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया था। इस दौरान किसानों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी, जिसके बाद किसानों को पीछे धकेलने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए थे। इस घटना में कई किसान घायल हो गए थे।

13 फरवरी से डटे हैं किसान

किसान आंदोलन का यह दौर 13 फरवरी से शुरू हुआ था, जब सुरक्षा बलों ने दिल्ली की ओर मार्च करने से रोका। उसके बाद से किसान पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डटे हुए हैं। किसान इससे पहले 13 फरवरी और 21 फरवरी को दिल्ली कूच करने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया था।

किसानों का यह आंदोलन अब तक जारी है, और किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की उम्मीद लगाए हुए हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox