नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राजधानी दिल्ली में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे एक वीडियो को लेकर पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि नशे से जुड़े मामलों और अन्य अपराधों में पकड़े गए लोगों को जनप्रतिनिधियों के दबाव में छोड़ दिया जाता है। वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत सफाई जारी की।
बयान को बताया गैर-जिम्मेदाराना
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वीडियो में जो बातें कही गई हैं, वे पूरी तरह तथ्यों से परे हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि उक्त टिप्पणी इंस्पेक्टर राजीव द्वारा निजी तौर पर की गई थी और इसका दिल्ली पुलिस की आधिकारिक कार्यप्रणाली से कोई संबंध नहीं है। उस समय इंस्पेक्टर राजीव, नियमित SHO की अनुपस्थिति में थाना भारत नगर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
तुरंत कार्रवाई, SHO पद से हटाया गया
मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर राजीव को SHO पद से हटा दिया है और उन्हें जिला लाइन भेज दिया गया है। विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही या गैर-जिम्मेदार बयानबाजी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने दोहराई अपनी नीति
दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि वह पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहकर काम करती है। हर मामले में कार्रवाई केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाती है, किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाता। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि नशा तस्करी और अपराध के खिलाफ उसका अभियान लगातार जारी है और ऐसे मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जा रही है।


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