मानसी शर्मा/- संयुक्त संसदीय समिति ने वक्फ अधिनियम में संशोधनों पर विपक्षी सांसदों के सुझाव स्वीकार कर लिए हैं। लेकिन विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके सुझावों को नकार दिया गया। उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। वहीं संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि समिति द्वारा सुझाए गए बदलावों से बेहतर और प्रभावशाली कानून बनेगा।
JPC में 14संशोधनों स्वीकार संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने जेपीसी की बैठक के बाद कहा कि ‘ये हमारी आखिरी बैठक थी। इस बैठ में 44 संशोधनों पर चर्चा हुई है। हमने सभी सदस्यों से प्रस्तावित संशोधन मांगे थे। जिसके बाद बहुमत के आधार पर वक्फ संशोधन विधेयक के 14 संशोधनों को मंजूरी दे दी। विपक्ष ने भी कुछ और संशोधनों का सुझाव दिया था।लेकिन बहुमत कम होने के कारण उन संशोधन को खारिज कर दिया गया।
जेपीसी की सदस्य सांसद अपराजिता सारंगी का कहना है कि JPC की बैठक पूरे लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुईं। सभी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। 108 घंटे वक्फ विधेयक पर चर्चा हुई है। JPC में जो संगठन के लोग दिल्ली नहीं आ पाएं, उनके सदस्यों से अलग राज्यों में जाकर विधेयक पर चर्चा की है। विपक्ष ने लगाए आरोप JPC के सदस्य और कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन का कहना है कि 95-98 प्रतिशत लोगों ने विधेयक का विरोध किया।
वक्फ अधिनियम में संशोधनों पर चर्चा नहीं की गई, और बिना पक्ष सुने संशोधनों पर मतदान करा दिया गया। वक्फ अधिनियम में हुए संशोधनों पर शिवसेना यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने कहा जेपीसी की बैठकों में विधेयक के एक-एक खंड पर चर्चा होनी चाहिए थी।लेकिन ऐसा किया नहीं गया।


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