रोहिणी विस्फोट कहीं आने वाले बड़े खतरे की आहट तो नही

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September 7, 2026

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रोहिणी विस्फोट कहीं आने वाले बड़े खतरे की आहट तो नही

-रोहिणी विस्फोट के जरीये आतंकियों ने किया है बम की क्षमता जांचने का काम, यह सिर्फ एक टेस्ट, असली खतरा तो अब आगे शुरू होगा

दिल्ली/शिव कुमार यादव/- रोहिणी में सीआरपीएफ के स्कूल के पास दो पत्थरों के बीच में रखकर जो विस्फोट किया गया था वह आतंकियों के लिए बम की क्षमता जांचने का सिर्फ एक टेस्ट था। इससे विस्फोट से किसी को नुकसान पंहुचाने की उनकी मंशा नही थी। लेकिन अगर यह बात सही है तो असली खतरा अब आगे शुरू होने वाला है। हालांकि पुलिस अभी तक सिर्फ इस विस्फोट के बारे में ही जांच कर रही है। हो सकता है कि आतंकियों ने इस तरह के अनेकों विस्फोटक बनाकर तैयार कर लिये हों।

सभी इस विस्फोट को आतंकी वारदात ही कह रहे हैं लेकिन मैं इसे एक आगे आने वाले बड़े खतरे की आहट मानता हूं। रोहिणी में सीआरपीएफ के स्कूल के पास जोरदार धमाका कर संदिग्ध सरकार को मैसेज देना चाहते हैं कि वह कुछ भी कर सकते हैं। हालांकि त्योहारी मौसम में दिल्ली हाई अलर्ट पर रहती है। संदिग्धों ने विस्फोटक दो पत्थरों के बीच में रखा था। पुलिस को मौके से तीन तार व सफेद पाउडर मिला है।
पुलिस को शक है कि विस्फोटक रखने वाला भी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। मौके से मिले सफेद पाउडर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की याद दिला दी। जुलाई, 2017 में यूपी विधानसभा में इसी तरह का पाउंडर मिलने से हडकंप मच गया था।
         स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शरारती तत्वों का उद्देश्य सिर्फ सरकार को बताना है कि वो कुछ भी कर सकते हैं.. मैसेज देना है। अगर संदिग्ध को जानमाल का नुकसान करना होता है तो विस्फोटक के साथ कीलें, बॉल-वेयरिंग, पेचकस व लोहे की गोलियां होती, मगर विस्फोटक वाली जगह पर ऐसा कुछ नहीं मिला। दूसरा ये छुट्टी वाले दिन यानि रविवार को धमाका नहीं करते। हालांकि विस्फोटक की तीव्रता बहुत ज्यादा थी। ये धमाका 40 फुटा रोड पर हुआ है। इसका असर इससे दूर 30 से 35 फीट तक देखा गया है।

जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई
रोहिणी धमाके की जांच अनौपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नार्थन रेंज में तैनात एसीपी राहुल कुमार सिंह की टीम को जांच सौंप दी गई है। टीम को सोमवार तक पूरी फाइल मिलने की संभावना है। सफेद रंग के पाउडर को सोमवार को रोहिणी स्थित एफएसएल भेजा जाएगा।

सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है शॉकवेब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में ठोस या तरल विस्फोटक सामग्री बहुत ही गर्म, सघन और उच्च दवाब वाली गैस में परिवर्तित हो जाती है। विस्फोटक के बाद गैस बेहद तेज गति से फैलती है। इससे हवा में एक शाक्तिशाली शॉकवेव पैदा होती है। ये शॉकवेब आसपास के इलाकों में सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है और भारी नुकसान का कारण बनती है।
           पुलिस को जल्द से जल्द इस विस्फोटक के जिम्मेदार लोगों तक पंहुचना होगा और सरकार को भी आने वाले खतरे की तह तक जाना होगा। साथ ही दिल्लीवासियों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से योजना बनानी होगी। क्योंकि शरारती तत्वों का मकसद कोई भी हो लेकिन यह आतंकी घटना की आहट भी हो सकती है। कहीं ऐसा ना हो की नुकसान ना होने के चलते हम लापरवाह हो जाएं और हमेशा की तरह बड़ी घटना होने पर ही कार्यवाही करनी शुरू करें।

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