रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की दिखेगी ताकत, 25 हजार करोड़ की डिफेंस डील पक्की

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रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की दिखेगी ताकत, 25 हजार करोड़ की डिफेंस डील पक्की

-एचएएल निजी रक्षा क्षेत्र की कंपनियों को देगी 156 एलसीएच हेलीकॉप्टर बनाने का आर्डर -आसमान में और ताकतवर बनेगा भारत, चीन और पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने!

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को वायु सेना के लिए 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) बनाने का ऑर्डर मिला है। एचएएल इस परियोजना में 25,000 करोड़ रुपये का काम निजी कंपनियों को सौंपेगा, जिससे देश में रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। एचएएल के पास हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर बनाने का कुल 62,500 करोड़ रुपये का सौदा है जिसमें से 40 फीसदी काम प्राइवेट कंपनियों को मिलेगा जिससे रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की ताकत दिखेगी। एचएएल बेंगलुरु और तुमकुरु में हेलीकॉप्टरों का निर्माण करेगा।

निजी कंपनियों के साथ प्रोजेक्ट पूरा करेगी एचएएल :
अब एचएएल निजी कंपनियों को लगभग 25,000 करोड़ रुपये का काम सौंपने की योजना बना रहा है। सुरक्षा पर कैबिनेट समिति ने 62,500 करोड़ रुपये के इस सौदे को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच अनुबंध पर भी हस्ताक्षर हो गए हैं। एचएएल इस परियोजना में निजी क्षेत्र की कंपनियों को शामिल करके रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना चाहता है।

रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
एचएएल को मिले इस बड़े सौदे से देश में रक्षा उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा। एचएएल, एलसीए विमान बनाने के मॉडल को ही इस एलसीएच परियोजना में भी अपनाएगा। रक्षा अधिकारियों ने प्रेस को बताया कि एचएएल जल्द ही निजी क्षेत्र को एलसीएच परियोजना में शामिल करने के लिए निविदाएं जारी करेगा।

40 फीसदी काम प्राइवेट कंपनियां करेंगी
एलसीए प्रोजेक्ट में भी विमान के अलग-अलग हिस्से, जैसे कि फ्यूजलेज और विंग्स, अलग-अलग निजी कंपनियों को दिए गए थे। इनमें लार्सन एंड टुब्रो और वेम टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल थीं। इस 62,500 करोड़ रुपये की परियोजना में लगभग 40 प्रतिशत काम निजी उद्योगों को दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे देश में रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम को सभी स्तरों पर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
            एचएएल इन हेलीकॉप्टरों को कर्नाटक राज्य में अपने बेंगलुरु और तुमकुरु कारखानों में बनाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह निजी भारतीय उद्योग, अल्फा टोकोल इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित हल्के लड़ाकू विमान (एलसीएच) एमके 1ए के लिए पहले रियर फ्यूजलेज की डिलीवरी के मौके पर मौजूद थे।

एचएएल देश की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है। इसके पास 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर हैं और उसे निकट भविष्य में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। एचएएल का कहना है कि वे एलसीए विमान बनाने का तरीका ही इन हेलीकॉप्टरों के लिए भी अपनाएंगे। इससे काम तेजी से होगा और लागत भी कम आएगी।

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