मानसी शर्मा/- इटवा तहसील के लमुईया गांव में 230 बीघा भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। यह भूमि चार व्यक्तियों के नाम पर दर्ज है, जो भारत-विभाजन के समय अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चले गए थे। तहसील प्रशासन ने इस भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है।
तहसील प्रशासन के अनुसार, यह भूमि आमिना बेगम, मयमुना, मनौवर जहां और शफीक जहां के नाम पर दर्ज है। ये महिलाएं विभाजन के समय पाकिस्तान चली गईं और वहीं बस गईं। प्रशासन ने पाया कि गांव के मो. रफीक ने इस भूमि को कूटरचना के जरिए अपने और अन्य लोगों के नाम पर दर्ज करा लिया था। 1997में ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई थी।
ग्रामीणों के बयान से हुई पुष्टि
गांव के भीखी, अहमद, पांचू और भगौती ने प्रशासन को बयान दिया कि ये भू-स्वामी परिवार विभाजन के समय पाकिस्तान जा चुके थे। इन बयानों का किसी ने खंडन नहीं किया। तहसील प्रशासन ने इसे मौन सहमति मानते हुए भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित करने की सिफारिश की है।
बलरामपुर से भी मांगा गया विवरण
लमुईया गांव सिद्धार्थनगर और बलरामपुर की सीमा पर है। मयमुना के पति उसमान की कुछ संपत्ति बलरामपुर के उतरौला तहसील में भी बताई जा रही है। तहसील प्रशासन ने बलरामपुर से भी इस संपत्ति का विवरण मांगा है।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही इस भूमि पर लोगों की आपत्तियां मांगी जाएंगी। इसके बाद गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर इसे शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा।
अब तक 100बीघा भूमि घोषित की गई शत्रु संपत्ति
जिला प्रशासन अब तक 100 बीघा भूमि को शत्रु संपत्ति घोषित कर चुका है। भारत-विभाजन के समय पाकिस्तान गए लोगों की संपत्तियों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। यह कार्य केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।


More Stories
दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, 300 नई पुलिस चौकियों का प्लान
बुराड़ी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला, आरोपी पिता गिरफ्तार
बहादुरगढ़ में फिटनेस का जश्न, प्रमो रन में उमड़ा जोश और उत्साह
ऋषिकेश योग महोत्सव का भव्य समापन
सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक की अहम बैठक
नैनीताल बार एसोसिएशन के नए पदाधिकारियों ने ली शपथ