नई दिल्ली/- द्वारका उपनगरी के सौंदर्यीकरण और जल निकासी व्यवस्था को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जहां प्रयासरत दिखता है, वहीं कुछ स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही स्थिति को बिगाड़ रही है।
फेडरेशन ऑफ साउथ एंड वेस्ट डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर फोरम के चेयरमैन रणबीर सिंह सोलंकी ने बताया कि द्वारका सेक्टर-7 स्थित रोड नंबर-202 पर, सीसीटीवी के समीप शिक्षा भारती स्कूल से दादा देव मंदिर तक फैले नाले की अब तक सफाई नहीं की गई है। बल्कि अन्य क्षेत्रों से लाकर वहां कचरा डाल दिया गया है, जिससे न केवल गंदगी बढ़ी है, बल्कि जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है।
सोलंकी ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी नालों की सफाई 31 मई तक पूर्ण कर ली जानी थी, किंतु संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के चलते समय पर कार्य नहीं हो सका। परिणामस्वरूप, हाल में हुई पहली ही बारिश में सड़क पर गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जो अब भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “मैं डीडीए के मुख्य अभियंता से पूर्व में कई बार अनुरोध कर चुका हूं कि बरसात से पूर्व सभी नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए। सोलंकी ने मुख्य अभियंता से मांग की है कि जिन सफाई कर्मचारियों को इस कार्य के लिए नियुक्त किया गया था, उन्हें तलब कर जांच की जाए और जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, शेष नालों की सफाई कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने की भी मांग की है।


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