गुरुग्राम/उमा सक्सेना/- तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के आईडीई बूटकैंप ने इस बार गुरुग्राम में नवाचार और उद्यमशीलता की नई मिसाल पेश की। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के सहयोग से यह कार्यक्रम एसजीटी विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से आए 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
39 टीमों ने दिखाया नवाचार का दम
पांच दिवसीय इस बूटकैंप में प्रतिभागियों ने 39 टीमों में विभाजित होकर नवाचार, समस्या समाधान और स्टार्टअप निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझा। यह कार्यक्रम तीन चरणों में देश के 30 अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
विशेषज्ञों ने दिया स्टार्टअप का व्यावहारिक ज्ञान
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को डिजाइन थिंकिंग, कस्टमर डिस्कवरी, लीन कैनवास, वित्तीय योजना और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एक विचार को सफल स्टार्टअप में बदला जा सकता है। उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारी सतीश कुमार ने प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
उद्योग जगत के दिग्गजों ने साझा किए अनुभव
बूटकैंप का एक मुख्य आकर्षण स्टार्टअप और उद्यमिता पर आधारित पैनल चर्चा रही, जिसमें कई अनुभवी उद्यमी और निवेश विशेषज्ञ शामिल हुए। इस सत्र में स्टार्टअप की चुनौतियों, निवेश की रणनीतियों और नए व्यवसायों के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
इनक्यूबेशन विजिट और व्यावहारिक अनुभव
प्रतिभागियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम को समझने के लिए इनक्यूबेशन और एक्सपोजर विजिट भी कराई गई, जिससे उन्हें वास्तविक उद्योग वातावरण का अनुभव मिला। इसके साथ ही नवाचार को व्यावसायिक मॉडल में बदलने की प्रक्रिया को भी समझाया गया।
युवा उद्यमियों ने साझा किए सफलता के सूत्र
कार्यक्रम में युवा उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे छोटे विचार बड़े स्टार्टअप में बदल सकते हैं। उन्होंने पिचिंग, प्रेजेंटेशन और आइडिया डेवलपमेंट की बारीकियों पर विशेष मार्गदर्शन दिया।
समापन पर उत्कृष्ट टीमों का सम्मान
समापन समारोह में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया, जिनमें गिफ्ट कोडर्स, एक्सिओम, सहज माइंड, फोर्कलॉर्डस और बीटा वर्जन शामिल रहीं। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
यह बूटकैंप न केवल छात्रों को तकनीकी ज्ञान देने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी बनने की दिशा में भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में कई संस्थानों और फाउंडेशनों ने सहयोग देकर इसे सफल बनाया।


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