
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली की उपनगरी द्वारका के सुंदरीकरण एवम बेहतर रख रखाव के प्रति डीडीए के अधिकारियों एवम कर्मचारियों के उदासीन रवैये को देखते हुए द्वारका वासियों ने चिंता जताई है कि मानॅसून सिर पर है और बड़े नालों की सफाई का काम अभी तक शुरू नही हुआ है जिसकारण इस बार मॉनसून की हल्की बारिश में उपनगरी द्वारका जलमग्न हो सकती है।

उन्होने कहा कि मुख्य नालों की सफाई बरसात से पहले नही होने के कारण पूरा नाला जाम हो जाता है और ओवर फ्लो होकर पानी मुख्य सड़क पर फैल जाता है। यह मामला है रोड संख्या 202 के द्वारका सेक्टर 7 स्थित शिक्षा भारती पब्लिक स्कूल के कोने से दादादेव मंदिर की ओर जाने वाली सड़क का है जो बराबर देखा जाता है। विडंबना यह है कि नाले के ऊपर पुराने टाइल्स हटाकर नए लगाए जा रहे है ताकि सुंदर लगे लेकिन नीचे की सफाई में बड़ी चूक हो रही है।

द्वारका सेक्टर 2 बस डिपो से भास्कर कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क पर महाराणा प्रताप बस द्वार के बीच में मैन रोड के डिवाइडर पर कई ढक्कन खुले हुए है जो भयंकर दुर्घटना को दावत दे रहे है। यदि कोई भी टू व्हीलर या मवेशी या बच्चे कभी भी इसमें गिर सकते है। ऐसे ही कई जगह डिवाइडर पर रेलिंग टूट कर सड़क पर आ गई है जिनको देखने वाला और समय पर ठीक करने वाला कोई नहीं है। इस मामले में पालम इलाके के पच्चीस कालोनियों के फेडरेशन के प्रधान एवम राष्ट्रीय युवा चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणबीर सिंह सोलंकी ने कहा कि डीडीए के अधिकारी मनी मैनेजमेंट में अपना अधिक समय लगाते है तथा जन सुविधाओं एवम द्वारका के विकास के कार्यों में उनका कोई ध्यान नही है। सोलंकी ने कहा कि हम अधिकारियों की इन अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल एवम डीडीए के मुख्य अभियंता को लिखित निवेदन कर चुके हैं ताकि द्वारका के विकास में रूकावटों को दूर किया जा सके।





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