मैदान में नहीं दिखेगा साक्षी का दम.. नए WFI अध्यक्ष बनने पर उठाया कदम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मैदान में नहीं दिखेगा साक्षी का दम.. नए WFI अध्यक्ष बनने पर उठाया कदम

मानसी शर्मा / – पिछले 1 साल से कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) से परेशान होकर ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने कुश्ती से संन्यास लेने की घोषण कर दी है जिसके बाद से एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है।
दरअसल भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के सहयोगी संजय सिंह के चुने जाने से परेशान होकर साक्षी ने ये कदम उठाया है और उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने संन्यास को घोसणा की।
21 दिसंबर को कुश्ती महासंघ के चुनाव हुए और इसके तुरंत बाद आए परिणाम में संजय के नाम पर मुहर लग गई जिसके बाद बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में पूर्व में सामने आए पहलवानों ने भी इस चुनाव पर एतराज जताया है।

डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में पूर्व में प्रदर्शन करने वाले पहलवानों के साथ प्रेस वार्ता करते हुए पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि हमने महिला अध्यक्ष की मांग की है। अगर अध्यक्ष महिला होगी तो उत्पीड़न नहीं होगा। लेकिन, पहले महिलाओं की भागीदारी नहीं थी, और आज आप सूची देख सकते हैं, एक भी महिला को पद नहीं दिया गया। हम पूरी ताकत से लड़े थे, लेकिन यह लड़ाई जारी रहेगी। नई पीढ़ी के पहलवानों को लड़ना होगा।

संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने लड़ाई पूरे दिल से लड़ी, लेकिन अगर अध्यक्ष बृजभूषण की तरह ही रहेगा तो मैं अपनी कुश्ती को त्याग रही हूं।” साक्षी अपने इस बयान के बाद फूट-फूटकर रोने लगीं।

गौरतलब है कि पहलवानों ने एक नाबालिग पहलवान समेत 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसे लेकर पहलवानों ने जमकर प्रदर्शन किया था और साक्षी भी उस आंदोलन का हिस्सा थी।
आपको बता दे कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष बने संजय सिंह यूपी कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष रहे हैं। चुनाव से पहले की कई खबरों में कहा गया था कि संजय के खेमे के पास 50 वोट में से 41 का समर्थन है।असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और ओडिशा के अलावा लगभग सभी राज्यों के कुश्ती संघ का समर्थन उन्हें मिलने की बात कही गई थी।साल 2019 में वह भारतीय कुश्ती संघ की कार्यकारी कमिटी में संयुक्त सचिव चुने गए थे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox