मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में देशभर में आयोजन

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September 10, 2026

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-मानसिक शांति और सशक्त राष्ट्र निर्माण का संदेश

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    पूज्य सद्गुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में “विश्व ध्यान दिवस” देशभर में श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों में समिति से जुड़े साधकों, विद्यार्थियों, युवाओं और समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रमों के माध्यम से ध्यान, एकाग्रता और आत्मिक विकास के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

ध्यान और एकाग्रता पर रहा मुख्य फोकस
विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य मानव जीवन में ध्यान की भूमिका को रेखांकित करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि ध्यान केवल मानसिक शांति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-विकास, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन की कुंजी है। देश के विभिन्न केंद्रों पर ध्यान-साधना सत्र, प्रेरणादायक प्रवचन और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

तेज़ रफ्तार जीवन में ध्यान की जरूरत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज का जीवन तनाव, प्रतिस्पर्धा और अस्थिरता से भरा हुआ है। ऐसे में ध्यान और एकाग्रता को अपनाकर व्यक्ति न केवल मानसिक तनाव से मुक्त हो सकता है, बल्कि अपने लक्ष्य को स्पष्ट दिशा भी दे सकता है। उन्होंने कहा कि एकाग्र जीवन ही व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के लिए भी मजबूत आधार तैयार करता है।

युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर
मानव उत्थान सेवा समिति के वरिष्ठ महात्मा सत्यबोधानंद जी ने बताया कि समिति का निरंतर प्रयास है कि युवाओं और समाज को नैतिक मूल्यों, आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ध्यान, संयम और सकारात्मक सोच का संदेश व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा।

शांति पाठ के साथ हुआ समापन
विश्व ध्यान दिवस के कार्यक्रमों का समापन शांति पाठ और राष्ट्रहित की मंगल कामना के साथ किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ध्यान और एकाग्रता के माध्यम से मानसिक रूप से सशक्त नागरिक तैयार होंगे, जो एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

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