मराठी भाषा को जल्द मिलेगा शास्त्रीय भाषा का दर्जा

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-इससे पहले 6 भाषाओं को मिल चुका हैं साहित्य की भाषा में स्थान
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/मुंबई/विक्की झा/- जल्द ही मराठी भाषा को साहित्य भाषा का दर्जा मिलने वाला है। मराठी भाषा को साहित्यिक दर्जा दिलाने के लिए मराठी भाषा के मंत्री सुभाष देसाई कई सालों से लगे हुए है। उन्होने महाराष्ट्र विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया है। आज मराठी भाषा के लिए गौरव का पल है क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा साहित्य अकैडमी को इस मुद्दे पर ध्यान देने का आदेश दिया है। इसके लिए सरकार ने साहित्य एकेडमी की एक सर्च कमेटी का गठन किया है जो मराठी भाषा के शोधकर्ताओं से लेकर इसकी जड़ तक का पता लगायेगीं और सभी पक्षों की पुष्टि होने के बाद मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया जायेगा।
            यहां बता दें कि 2013 से मंत्री सुभाष देसाई मराठी भाषा को साहित्य की भाषा में स्थान दिलाने के लिए काफी वर्षों से मेहनत कर रहे थे। आखिरकार उनकी यह मेहनत अब जाकर रंग लाई है और राज्यसभा से विधान भवन तक मराठी भाषा को साहित्य की भाषा में एक उच्चतम स्थान देने की बात अब काफी जोरों से चल रही हैं। हालांकि इससे पहले भारत में साहित्य की भाषा में लगभग 6 भाषाओं को साहित्यिक भाषा के रूप में दर्जा प्राप्त हुआ, जिनमें तमिल, तेलुगू, कन्नड, मलयालम, उड़िया और संस्कृत शामिल हैं।
            वहीं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार से मिले प्रस्ताव को साहित्य अकादमी के पास भेजा जाता है और इसकी एक प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होते ही सकारात्मक निर्णय आने की संभावना है।

इसी के साथ अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इस विषय पर गृह मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के बीच विमर्श चल रहा है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक निर्णय सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भारतीय भाषाओं और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस सरकार ने अब तक छह भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है।
            इससे पहले मराठी भाषा को इसमें किसी भी तरह का कोई स्थान नहीं दिया गया था, पर मराठी भाषा प्रेमियों और महाराष्ट्र सरकार के कई सारे कठिन प्रयास और रिसर्च जब उन्होंने केंद्र सरकार को भेजी तब केंद्र सरकार द्वारा साहित्य अकैडमी को इस मुद्दे पर ध्यान देने का आदेश देने पर, साहित्य एकेडमी की एक सर्च कमेटी ने मराठी भाषा के शोधकर्ताओं से लेकर इसकी जड़ तक का पता लगाएं और सभी पक्षों की पुष्टि होने के बाद मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए, मराठी भाषा शास्त्रीय भाषा के सभी मानदंडों को पूरा करती है। बहरहाल, केंद्र सरकार मराठी को जल्द से जल्द कुलीन भाषा का दर्जा देगी। साथ ही मराठी भाषा को साहित्य भाषा में स्थान मिलने की बात भी कह दी है।
              इस संबंध में 22 मार्च को महाराष्ट्र के मशहूर अभिनेता और मराठी कलाकार सचिन खेडेकर ने “अभिजात मराठी“ के रूप में एक वीडियो पोस्ट कर मराठी भाषा को साहित्यिक भाषा का दर्जा मिलने की प्रक्रिया शुरू होने पर मराठी समाज व भारत के लोगों को बधाई दी है।

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