नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आज से ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की औपचारिक शुरुआत हो गई है। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच भविष्य की टेक्नोलॉजी नीति और नवाचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
65 देशों की भागीदारी, सैकड़ों स्टार्टअप्स मौजूद
इस बहुप्रतीक्षित समिट में लगभग 65 देशों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है, जबकि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि विभिन्न सत्रों में शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही 800 से ज्यादा एआई स्टार्टअप्स अपने नवाचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं। आयोजन के दौरान नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शोधकर्ताओं के बीच कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और प्रस्तुतियां होंगी।
‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ पर टिकी वैश्विक नजर
आगामी दिनों में इस समिट से जारी होने वाला ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ वैश्विक स्तर पर एआई के उपयोग, नैतिक मानकों और सुरक्षा ढांचे को दिशा देने वाला अहम दस्तावेज माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह घोषणा-पत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहमति का आधार बनेगा।
इस आयोजन के साथ भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल व्यवस्था का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।


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