“भगदड़ के लिए RCB जिम्मेदार” — ट्रिब्यूनल की सख्त टिप्पणी, कहा पुलिस कोई जादूगर नहीं

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August 24, 2026

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“भगदड़ के लिए RCB जिम्मेदार” — ट्रिब्यूनल की सख्त टिप्पणी, कहा पुलिस कोई जादूगर नहीं

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विकास कुमार विकास के खिलाफ कर्नाटक सरकार के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है, जिन पर पिछले महीने यहां हुई भीषण भगदड़ के मद्देनजर कार्रवाई की गई थी। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के सामने चार जून को मची भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी। मामले में योजना और भीड़ प्रबंधन को लेकर तीखी आलोचना हुई थी। कैट ने स्टेडियम में भगदड़ के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ही जिम्मेदार माना है।

कोर्ट ने पुलिसकर्मियों का किया बचाव
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरसीबी क्रिकेट टीम 4 जून को बेंगलुरु में एकत्रित हुई भारी भीड़ के लिए जिम्मेदार है। जिसके कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। कैट ने स्टेडियम में तैनात पुलिसकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि वह कोई जादूगर या भगवान नहीं हैं।

3 से 5 लाख की भीड़ के लिए जिम्मेदार है RCB
अपनी टिप्पणी में ट्रिब्यूनल ने कहा, ‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आरसीबी लगभग तीन से पांच लाख लोगों की भीड़ के लिए जिम्मेदार है। आरसीबी ने पुलिस से उचित अनुमति या सहमति नहीं ली। अचानक, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और उपरोक्त जानकारी के परिणामस्वरूप जनता एकत्र हो गई।’

ट्रिब्यूनल ने आरसीबी द्वारा जश्न मनाने की अंतिम समय में की गई घोषणा की आलोचना की और इसे उपद्रव भी बताया है। कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘अचानक, आरसीबी ने बिना किसी पूर्व अनुमति के उपरोक्त प्रकार का उपद्रव किया। पुलिस से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि लगभग 12 घंटे के कम समय में पुलिस, पुलिस अधिनियम या अन्य नियमों आदि में आवश्यक सभी व्यवस्थाएं कर लेगी।’

पुलिस के पास ‘अलाउद्दीन का चिराग’ नहीं- ट्रिब्यूनल
आईपीएल फ्रेंचाइजी ने अपनी पहली आईपीएल जीत के अगले दिन 4 जून को विजय परेड समारोह के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। ट्रिब्यूनल ने पुलिस की भूमिका का भी बचाव करते हुए कहा, ‘पुलिसकर्मी भी इंसान हैं। वे न तो ‘भगवान’ हैं और न ही जादूगर और न ही उनके पास ‘अलाउद्दीन के चिराग’ जैसी जादुई शक्तियां हैं जो केवल उंगली रगड़ने से किसी भी इच्छा को पूरा कर सकती हैं।’

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