बैंक अकाउंट में नही है पैसा तो फिर भी मिल जायेंगे 10 हजार रूपये

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बैंक अकाउंट में नही है पैसा तो फिर भी मिल जायेंगे 10 हजार रूपये

-प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत निल खातों की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ाई गई

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के सात साल पूरे हो गए हैं। इस योजना के तहत 40 करोड़ से ज्यादा जन-धन अकाउंट खोले जा चुके हैं। योजना में बीमा समेत कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। इसी में से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट लिमिट की है। इसके तहत आपके जन-धन अकाउंट में बैलेंस नहीं होने के बाद भी 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा मिल जाएगी। एक तरह से छोटी अवधि के लोन की तरह है। पहले ये रकम 5 हजार रुपए थी। इस अकाउंट में ओवरड्राफ्ट की सुविधा के लिए अधिकतम उम्र सीमा 65 साल है। वहीं, इस अकाउंट के संतोषजनक संचालन के 6 महीने बाद ही ओवरड्राफ्ट सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, बिना शर्तों के 2 हजार रुपए तक की ओवरड्राफ्ट मिलती है।
                     43 करोड़ से ज्यादा अकाउंटः प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) अकाउंट की संख्या मार्च 2015 में 14.72 करोड़ से तीन गुना बढ़कर 18 अगस्त तक 43 करोड़ से ज्यादा हो गई है। इनमें 55 फीसदी जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं। वहीं, करीब 67 फीसदी जन-धन खाते ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी इलाकों में हैं। कुल 43.04 करोड़ पीएमजेडीवाई खातों में से, 36.86 करोड़ खाते (86 फीसदी) चालू हैं। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को रुपे कार्ड भी दिए जाते हैं। अब तक जारी किए गए रुपे कार्ड की कुल संख्याः 31.23 करोड़ है।
                     बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत कोविड लॉकडाउन के दौरान महिला पीएमजेडीवाई खाताधारकों के खातों में कुल 30,945 करोड़ रुपये जमा किए गए। लगभग 5.1 करोड़ पीएमजेडीवाई खाताधारक विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्त करते हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox