बिल पर बवाल: विपक्षी सांसदों ने फाड़ी कॉपियां, अमित शाह की ओर फेंके कागज़

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October 9, 2026

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बिल पर बवाल: विपक्षी सांसदों ने फाड़ी कॉपियां, अमित शाह की ओर फेंके कागज़

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   लोकसभा में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन अहम विधेयकों—संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक—को लेकर भारी हंगामा हुआ। इन विधेयकों में यह प्रावधान किया गया है कि यदि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री किसी गंभीर आपराधिक मामले (जहां सजा 5 वर्ष या उससे अधिक हो) में लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं, तो 31वें दिन उन्हें पद से हटाना अनिवार्य होगा।

विपक्षी सांसदों ने इसे गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने की साजिश बताया। हंगामे के दौरान सांसदों ने बिल की प्रतियां फाड़ीं और कागज के टुकड़े गृह मंत्री अमित शाह की ओर फेंके। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ करार दिया। वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इन विधेयकों का मकसद राजनीति को अपराधमुक्त करना और राजनीतिक जीवन में नैतिकता बढ़ाना है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि जब 2010 में उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज हुआ था, तब उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया था। हंगामे के बीच अमित शाह ने प्रस्ताव रखा कि इन विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जाए।

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