बिना शर्त बातचीत को तैयार हुए किसान, आंदोलन रहेगा जारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बिना शर्त बातचीत को तैयार हुए किसान, आंदोलन रहेगा जारी

-बोले राकेश टिकैत- मैं नेता नही किसान, हम बातचीत के लिए तैयार, सरकार भी ना लगाये कोई शर्त -सरकार के एक लाख करोड़ के ऐलान पर राकेश टिकैत ने दागा सवाल, कहां लगा रही है सरकार यह पैसा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/हिसार/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- पिछले कई महीनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे है। हालांकि सरकार से कई दौर की बातचीत भी हुई लेकिन किसानें को तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के अलावा कोई बात मंजूर ही नही है। लेकिन 26 जनवरी को टूटा किसान-सरकार संवाद अब एक बार फिर जुड़ने जा रहा है जिसके लिए किसान व सरकार सकारात्मक संकेत भी दे रहे है। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि किसान सरकार से बिना शर्त बातचीत को तैयार है बशर्ते सरकार भी उन पर कोई शर्त ना थोपे। हालांकि कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर ने पहले ही साफ कर दिया है कि तीन कृषि कानूनों के अलावा सरकार किसानों की हर बात मानने को तैयार है।
                     भाकियू नेता श्री टिकैत ने कहा कि किसानों के हितों के लिए किसान संगठन सरकार से बिना शर्त बातचीत को तैयार है, बशर्ते सरकार की तरफ से भी कोई शर्त नही रखी जानी चाहिए। उन्होने सरकार के एक लाख करोड़ के पैकेज पर सवाल करते हुए कहा कि हमें सरकार से कर्जा नहीं चाहिए. हमें फसलों की कीमत चाहिए. एमएसपी चाहिए। सरकार बताए कि वो एक लाख करोड़ रुपये कहां निवेश कर रही है और किसानों को इसका क्या लाभ होगा। राकेश टिकैत ने फिर कहा कि हम सरकार से बिना शर्त बाजचीत को तैयार है तो फिर सरकार क्यों शर्त लगा रही है। जबकि ’हम आठ महीने से सरकार को खोज रहे हैं. आखिर कहां है सरकार? सरकार हमें 22 जनवरी के बाद कहीं नहीं मिली?
                     यहां बता दें कि कैबिनेट के विस्तार के एक दिन बाद ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी) अब बाजार क्षमता के विस्तार और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि बुनियादी ढांचा कोष से वित्तीय सुविधाएं ले सकेंगी। जिसपर किसान संगठन सरकार से जवाब मांग रहे है। हालांकि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को खत्म करने की लगातार कोशिश कर रही है और किसानों से आंदोलन खत्म कर बाजचीत के लिए कह रही है जिसपर किसान नेता श्री टिकैत ने कहा कि मांगें पूरी नही होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox