नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- नजफगढ़ देहात में हुई भारी बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। किसानों के खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गये है तो सड़के व गलियां भी बारिश के चलते बदहाल हो गई है। लेकिन अब ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। दरअसल 5 गांवों व कई कालोनियों में पेयजल सप्लाई के लिए दिचाऊं गांव में बना यूजीआर बाढ़ की चपेट में आकर डूब गया जिसकारण लोगों को पेयजल सप्लाई नही मिलने से परेशानी खड़ी हो गई है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई को लेकर लोग अधिकारियों व नेताओं के चक्कर काट रहे है लेकिन कोई इस समस्या पर ध्यान नही दे रहा है। उधर जैसे ही नजफगढ़ निगम वार्ड जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक के संज्ञान में यह समस्या आई तो उन्होने तुरंत दिचाऊं यूजीआर का दौरा किया और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल करने के निर्देंश दिये। यहां बता दें कि पार्षद सत्यपाल मलिक जलबोर्ड के भी सदस्य हैं।

प्रशासन की लापरवाही के चलते बरसात अब लोगों के लिए आफत बन रही है। पांच गांवों व कई कालोनियों में पेयजल सप्लाई के लिए दिचाऊं गांव में बना यूजीआर अब लोगों के लिए पेयजल मुहैया कराने की बजाये खुद पानी की चपेट में आकर डूब गया है। दरअसल पिछले एक स्प्ताह से क्षेत्र में हो रही भारी बरसात के चलते दिचाऊं गांव का यूजीआर बाढ़ में डूब गया जिसकारण यूजीआर से पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई। कई दिनों के इंतजार के बाद जब लोगों को पानी की सप्लाई नही मिली तो लोगों ने इसकी शिकायत विधायक व जलबोर्ड अधिकारियों को की। लेकिन जब कोई कार्यवाही नही हुई तो यह समस्या जनसंवाद बैठक में रखी गई। जिसपर जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक ने संज्ञान लेते हुए यूजीआर का दौरा किया।

हालांकि पार्षद सत्यपाल मलिक जलबोर्ड के सदस्य भी है तो उन्होने मौके पर जलबोर्ड के अधिकारियों को बुलाकर समस्या के तुरंत समाधान के निर्देश दिये। वहीं दिचाऊं कलां गांव की आरडब्ल्यूए सोसायटी के अध्यक्ष शिव कुमार शौकीन ने बताया कि इस समस्या की जड़ मुंगस ड्रेन है जिसके पिछले कई सालों से सफाई नही हुई है हालांकि हर साल इसकी सफाई होनी चाहिए। लेकिन यह नाला जलबोर्ड अधिकारियों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। जिसकारण नाले की सफाई तो दूर नाले में उगे पेड़ों की भी कटाई नही हो पाई है। उन्होंने बताया कि यह ड्रेन बहादुरगढ़ से जुड़ी है जिसकारण इसमें पानी का दबाव ज्यादा होता है लेकिन सफाई न होने के कारण ड्रेन ओवर फ्लो हो गई जिसकारण क्षेत्र में करीब 250 एकड़ जमीन, स्कूल व यूजीआर बाढ़ की चपेट में आ गये। उन्होने कहा कि न तो इस समस्या पर विधायक और सरकार ध्यान दे रही है और न ही जलबोर्ड कोई कदम उठा रहा हे जिसकारण लोगों को बरसात के मौसम में पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। लेकिन अब जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक के दौरे के बाद ग्रामीणों को जलापूर्ति सुचारू होने की आश बंध गई है।


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