बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप का ऐतिहासिक प्रदर्शन “आदि कैलाश परिक्रमा रन” में

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 4, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बहादुरगढ़/सिमरन मोरया/-      बहादुरगढ़ के धावकों ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आयोजित प्रतिष्ठित “आदि कैलाश परिक्रमा रन – हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन” में अपनी अद्वितीय क्षमता का परिचय दिया। यह भारत का पहला अल्ट्रा मैराथन था, जो 10,300 फीट से लेकर 15,000 फीट की ऊँचाई पर आयोजित किया गया, जहाँ प्रतिभागियों को माइनस 10 डिग्री तापमान, पतली हवा और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वास्थ्यपूर्ण और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

BRG टीम का शानदार प्रदर्शन
बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप (BRG) के संस्थापक दीपक छिल्लर ने बताया कि इस कठिन दौड़ में उनके समूह के कुल 13 धावकों ने हिस्सा लिया। वरिष्ठ धावक कर्नल कृष्ण बद्धवार ने 60 किलोमीटर की दूरी में आयु वर्ग 51–60 वर्ष में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा परवीन सांगवान, बादल तेवतिया, मास्टर मुकेश कुमार, बसंत सिंह और कुणाल चौधरी ने 60 किलोमीटर की अल्ट्रा रन को सफलता पूर्वक पूरा कर अपनी अदम्य साहसिक भावना दिखाई। वहीं, सागर ओहलान और रवि कुमार ने 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समूह की प्रतिष्ठा को ऊँचा किया।

कठिनाई और तैयारी
प्रतिभागियों को इस उच्च पर्वतीय दौड़ में सफलता पाने के लिए पहले से जोलिंगकोंग में अनिवार्य एक्लाइमेटाइज़ेशन कराया गया, ताकि वे वातावरण की चरम परिस्थितियों में अपने प्रदर्शन को बनाए रख सकें। दौड़ की चुनौती केवल लंबाई और ऊँचाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें मानसिक और शारीरिक सहनशक्ति की भी परख हुई। टीम के सदस्यों ने इसे केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा माना।

भविष्य की योजना
BRG टीम ने संकल्प जताया कि वे भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक और साहसिक आयोजनों में भाग लेकर बहादुरगढ़ का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उज्ज्वल बनाएंगे। इस दौड़ में उनके अद्भुत परिश्रम और अनुशासन ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशिक्षण से असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox