नई दिल्ली/- कोविड के चलते लोगों की जिंदगी और उनके तौर तरीकों में काफी बदलाव आया है। खासकर इस दौर में ऑनलाइन शिक्षा का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। ऑनलाइन शिक्षा में भी कई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। पोस्ट कोविड ई-लर्निंग युग में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा करने और उन्हें उजागर करने के लिए प्रथम टेस्ट प्रेप ने अपनी तरह का पहला प्रधान गोलमेज वेबिनार आयोजित किया।
इस वेबिनार को शिक्षकों, अभिभावकों, शिक्षाविदों, तकनीकी उद्योग समेत अन्य लोगों के यूनेस्को से आह्वान के बाद आयोजित किया गया। जिससे युवाओं के हित में ऑनलाइन हिंसा को रोकने पर जोर दिया गया। इस गोलमेज वेबिनार में पैनलिस्टों का एक विशिष्ट और प्रतिष्ठित समूह मौजूद रहा, जिसमें श्रीराम स्कूल मौलसराय की प्रिंसिपल मनीषा मल्होत्रा, बिड़ला विद्या निकेतन स्कूल की प्रिंसिपल मिनाक्षी कुशवाहा, समेत इंटरनेशनल यूथ मेंटर के मॉडरेटर सौरभ नंदा मौजूद रहे।
पिछले दो वर्षों में महामारी के बाद, ऑनलाइन तकनीक शिक्षा पाने के तरीके को बदलने में एक शक्तिशाली उपकरण बन गई है। इससे शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंधों को नए तरीके से मजबूत करने के साथ ही सीखने और सिखाने के तरीके में भी नयापन आया। हालांकि इस दौर में साइबर सुरक्षा में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। ताकि हमारे बच्चों को सुरक्षित और सीखने वाला माहौल मिले। इस ओर स्कूल, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं, जिसका लक्ष्य हम इन वेबिनार और सेमिनारों के माध्यम से हासिल करना चाहते हैं।
साल 2020 में लगभग 8 मिलियन से अधिक कम्प्यूटर वायरस मैलवेयर की घटनाओं का पता चला। महामारी के दौर में शिक्षा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होने कारण जल्दबाजी में ऑनलाइन शिक्षा की तरफ बढऩे पर यह क्षेत्र साइबर हमलों के संपर्क में आया है। शिक्षा के साथ सबसे अधिक प्रभावित उद्योग होने के कारण हाल ही में ई-लर्निंग की ओर बढ़ रही महामारी के बीच साइबर अटैकर्स, फिशिंग, वितरित के कई मामलों के साथ क्षेत्र को साइबर हमलों के संपर्क में लाया गया। साइबर अटैक से जुड़े कई मामले जिनमें फिशिंग, डेनियल-ऑफ -सर्विस, डेटा ब्रीच, रैंसमवेयर, एलओटी, भेद्यताएं, दुर्भावनापूर्ण विज्ञापन, पहचान की चोरी, ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से फिशिंग घोटाले, दुर्भावनापूर्ण सोशल मीडिया मैसेजिंग, कैम-फेक्टिंग और सोशल इंजीनियरिंग की हाल के दिनों में रिपोर्ट की जा रही है।
वेबिनार के दौरान साइबर जागरूकता सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को ई-लर्निंग का अनिवार्य हिस्सा बनाने के तरीकों के साथ-साथ ऐसे कई मामलों पर चर्चा की गई। प्रथम टेस्ट प्रेप बच्चों को एक समग्र सीखने का माहौल प्रदान करने के मिशन पर है।


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