प्राकृतिक खेती से स्वस्थ मिट्टी व भोजन मिलेगा, पर प्रोसेस्ड फूड से होगी आमदनी – आरजेएस वेबिनार

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प्राकृतिक खेती से स्वस्थ मिट्टी व भोजन मिलेगा, पर प्रोसेस्ड फूड से होगी आमदनी – आरजेएस वेबिनार

नई दिल्ली/- विश्व मृदा दिवस के अवसर पर 5 दिसंबर 2024 को आरजेएस पीबीएच (राम-जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस) ने प्राकृतिक खेती पर एक महत्वपूर्ण वेबिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक करना था, खासकर बिना उर्वरकों के खेती के माध्यम से मिट्टी और भोजन की गुणवत्ता को सुधारने के संदर्भ में।

कार्यक्रम का आयोजन माता रामरती देवी मंदिर के सहयोग से किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आईएआरआई पूसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंद्रभान सिंह, मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक और अतिथि वक्ता कृषि जागरण की पत्रकार श्रृति जोशी ने अपने विचार व्यक्त किए।

आरजेएस पीबीएच के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के संयोजन में आयोजित इस वेबिनार में प्राकृतिक खेती: स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ भोजन पर चर्चा की गई। साथ ही कार्यक्रम में विशेष अतिथि राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, संस्थापक – माता रामरती देवी मंदिर कृषक प्रयोगशाला एवं कृषक पर्यटन स्थल ने अपने विचार प्रस्तुत किए और उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया।

प्राकृतिक खेती के लाभ और महत्वपूर्ण पहलू

कार्यक्रम में डॉ. चंद्रभान सिंह ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और उसकी उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, बल्कि यह किसानों को प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के जरिए अतिरिक्त आमदनी भी दिला सकती है। साथ ही, उन्होंने रीसाइकलिंग और खाद बनाने के महत्व को भी बताया।

धर्मेंद्र मलिक ने जैविक खेती, कीटनाशकों और उर्वरकों के उपयोग, बीज संरक्षण, और प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि के मूल्य संवर्धन पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे कृषि में sustainability और लाभ को बढ़ा सकें।

कृषि पत्रकार श्रृति जोशी ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे यह हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

सकारात्मक आंदोलन में सहयोग

कार्यक्रम में आरजेएस पीबीएच के ऑब्जर्वर प्रफुल्ल डी शेठ और रंजनबेन शेठ ने विशेष सहयोग करने के लिए मौ. इशहाक खान और पॉजिटिव मीडिया संस्थान के समाचार निर्देशक, नजफगढ़ मेट्रो और द्वारका परिचय को सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन प्रदान किया।

इस अवसर पर प्राकृतिक खेती के जनक राजा भूमिबोल, दार्शनिक फुकुओका और सुभाष पालेकर को श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम के दौरान कृषि पत्रकार अनिकेत सिन्हा, किसान राजवीर सिंह, सुमित कुमार त्यागी, सुदीप साहू, रजनीकांत शुक्ल, उदय शंकर सिंह, स्वीटी पॉल, सुषमा सिंह, गीता मौर्या, आकांक्षा मयंक और कपिल सहित अन्य उपस्थित थे।

यह वेबिनार प्राकृतिक खेती के महत्व को समझने और उसे किसानों के बीच फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिससे किसान प्राकृतिक और उर्वरक रहित खेती अपनाकर न केवल अपनी कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

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