प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ दौरे पर, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में होंगे शामिल

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October 8, 2026

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-सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भव्य आयोजन

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात के ऐतिहासिक और पावन तीर्थ स्थल सोमनाथ का दौरा करेंगे। इस दौरान वे 8 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में सहभागिता करेंगे। यह आयोजन भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, सनातन आस्था और राष्ट्रीय आत्मसम्मान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस पर्व के माध्यम से वर्ष भर चलने वाले आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत भी की जाएगी।

आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

‘सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, आस्था और अस्मिता का प्रतीक’
इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सोमनाथ का विषय केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की पहचान, अस्मिता और भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इतिहास की कुछ घटनाएं पीड़ादायक होने के बावजूद याद रखी जानी चाहिए, ताकि उनसे सीख लेकर भविष्य को मजबूत किया जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि 6 जनवरी 2026 को सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है और इसका धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व अतुलनीय है।

भारत के आत्मबल और पुनर्जागरण का प्रतीक
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की अडिग आस्था और सनातन चेतना का प्रतीक है। मान्यता है कि इसके दर्शन से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि सोमनाथ की सच्ची प्रतिष्ठा तब होगी, जब भारत पुनः समृद्धि के शिखर पर पहुंचेगा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सोमनाथ पर पीएम मोदी के विचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी सोमनाथ को भारतीय सभ्यता के अटल आत्मबल का प्रतीक बता चुके हैं। हाल ही में लिखे अपने लेख में उन्होंने कहा था कि बार-बार आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारतीय संस्कृति की अजेय भावना को दर्शाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्ष 2026 सोमनाथ के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी वर्ष मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह आयोजन उस ऐतिहासिक स्मृति को आत्मबल, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना में बदलने का संकल्प है।

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