नीति आयोग ने ओमिक्रॉन को लेकर जारी की चेतावनी, नही संभले तो डरावनी होगी तस्वीर

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नीति आयोग ने ओमिक्रॉन को लेकर जारी की चेतावनी, नही संभले तो डरावनी होगी तस्वीर

-कहा-भारत में ब्रिटेन जैसा संक्रमण फैला तो तीसरी लहर में 14 लाख तक नये केस आ सकते हैं रोजाना

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- डब्ल्यूएचओ एडवाइजरी का हवाला देते हुए देश के नीति आयोग ने ओमिक्रॉन को  लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इसे हल्का मानकर उसके प्रति लापरवाह न हो वरना देश की तस्वीर कुछ अलग ही होगी। वही देश की स्वस्थ्य संस्थाओं ने भी अपील जारी की है कि हमे ओमिक्रॉन से बचाव के लिए कोरोना नियमों का पालन लगातार जारी रखना होगा। क्योंकि ओमिक्रॉन से जुड़े सारे तथ्य सामने नहीं आए हैं। उन पर रिसर्च जारी है।


               दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने चिंता जाहिर की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ पॉल ने कहा कि अगर हम ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के संक्रमण का पैमाना देखें और भारत की आबादी से उसकी तुलना करें तो कहा जा सकता है कि संक्रमण फैलने पर भारत में रोजाना 14 लाख केस आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हर केस की जीनोम सीक्वेंसिग नहीं की जा सकेगी।
               उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते केस के लिए ओमिक्रॉन संक्रमण माना जा रहा है, लेकिन यह इसे लेकर अभी सारी बातें साफ नहीं हुई हैं। इस पर रिसर्च जारी है और सरकार सभी नए डेवलपमेंट पर नजर बनाए हुए है। ऐसा कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन स्ट्रेन हल्का इंफेक्शन ही फैलाता है। उन्होंने यूरोप में ओमिक्रॉन के संक्रमण की रफ्तार को हाईलाइट किया और भारत की आबादी से उसकी तुलना की।
                 डॉ. पॉल ने कहा कि दुनिया में दूसरे नंबर पर भारत में जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है और इसे लगातार बढ़ाया ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर केस की जीनोम सीक्वेंसिंग करना संभव नहीं होगा। यह बीमारी को पहचानने का नहीं, बल्कि महामारी का आंकलन और इसकी निगरानी करने का टूल है। हम इस बात का भरोसा दिला सकते हैं कि फिलहाल पर्याप्त सिस्टेमैटिक सैंपलिंग की जा रही है।
               शुक्रवार को ब्रिटेन ने ओमिक्रॉन के 3,201 केस दर्ज कराए। यह ओमिक्रॉन की पहचान होने के बाद ब्रिटेन में एक दिन में मिले सबसे ज्यादा केस हैं। यहां नए वैरिएंट के कुल मामले 14,909 हो गए हैं। ब्रिटेन की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने भी कहा कि देश में पिछले 24 घंटे में 93,045 कोरोना केस दर्ज कराए गए हैं। लगातार तीसरे दिन यहां सबसे ज्यादा मामलों का रिकॉर्ड बना है। इसके साथ ही देश में कोरोना के कुल 1.19 करोड़ केस हो गए हैं। फ्रांस में शुक्रवार को 65 हजार से ज्यादा कोरोना केस सामने आए। ओमिक्रॉन वैरिएंट के सामने आने के बाद डेनमार्क और नॉर्वे में भी डेली इंफेक्शन में तेज बढ़त देखने को मिल रही है।
                 हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि भारत में अब तक 12 राज्यों में 113 ओमिक्रॉन केस मिले हैं। शुक्रवार को 26 केस दर्ज कराए गए। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 40 केस हैं, इसके बाद दिल्ली में 22, राजस्थान में 17, तेलंगाना और कर्नाटक में 8-8, गुजरात में 7, केरल में 5, उत्तर प्रदेश में 2 और तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और चंड़ीगढ़ में 1-1 मामले मिले हैं।
                अग्रवाल ने बताया कि डब्न्यूएचओ के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा स्ट्रेन के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से पांव पसार रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ही 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वैरिएंट के पहले केस की पहचान की गई थी।
                 वीके पॉल ने कहा कि हालांकि यूरोप में लोगों के भर्ती होने की दर बहुत कम है और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई दबाव नहीं है, फिर भी हालात डरावने हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। ठंडा मौसम भी वायरस का संक्रमण फैलाने में मददगार साबित होगा। हालांकि अभी हालात स्थिर हैं, लेकिन हमें सावधानी बरतनी चाहिए।
                 आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने बताया कि ओमिक्रॉन बहुत तेजी से दुनिया में फैल रहा है। लोगों को सतर्कता बरतते हुए गैरजरूरी यात्रा और भीड़भाड़ से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं, या यूं कहें कि जो 5 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिव केस वाले जिले हैं, वे कड़े उपाय लागू करें।

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