दिल की धड़कन अगर गड़बड़ हो तो खतरे की घंटी समझिए — डॉक्टर की चेतावनी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल की धड़कन अगर गड़बड़ हो तो खतरे की घंटी समझिए — डॉक्टर की चेतावनी

-धड़कन बताती है दिल का हाल

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में लोग अपने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच तो नियमित रूप से करते हैं, लेकिन दिल की गति पर कम ध्यान देते हैं। जबकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट रेट हमारे पूरे शरीर की स्थिति का आईना होती है।पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते केस ने यह साफ कर दिया है कि दिल की धड़कन में आने वाला थोड़ा सा भी बदलाव हल्के में नहीं लेना चाहिए।

हार्ट बीट क्यों है जरूरी पैरामीटर

डॉक्टरों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में हृदय की गति 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच रहनी चाहिए। अगर यह लगातार तेज़ या बहुत धीमी रहती है, तो यह शरीर में छिपी किसी समस्या का इशारा हो सकता है। कई बार बिना किसी लक्षण के भी अनियमित धड़कन स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

शरीर का अलार्म सिस्टम है हार्ट रेट

स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि हार्ट रेट एक तरह का अर्ली वार्निंग सिस्टम है, जो बताता है कि शरीर कब आराम मांग रहा है। आधुनिक हेल्थ ऐप्स और स्मार्टवॉच अब इस रफ्तार को ट्रैक कर स्वास्थ्य की स्थिति का अंदाज़ा लगाने में मदद करते हैं। अगर धड़कन अचानक बढ़ जाती है या लंबे समय तक अनियमित रहती है, तो यह तनाव, थकान या किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है।

कैसे रखें दिल की धड़कन सामान्य

रोज़ाना हल्का व्यायाम या वॉक करें।संतुलित आहार लें और प्रोसेस्ड फूड से बचें।

कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें।

तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें।

समय-समय पर हार्ट रेट और बीपी जांच करवाएं।

नतीजा: हार्ट बीट को हल्के में न लें

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के बाकी पैरामीटर्स की तरह ही हृदय गति को भी नियमित रूप से जांचना ज़रूरी है। यह न केवल आपके दिल की सेहत बताती है, बल्कि यह भी कि आपका शरीर तनाव, मेहनत और दिनचर्या पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है।दिल की धड़कन की निगरानी से समय रहते हार्ट प्रॉब्लम्स की पहचान की जा सकती है और गंभीर स्थितियों से बचाव संभव है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox