दिल्ली में अमित शाह से मिले कैप्टन अमरिंदर, भाजपा में शामिल हो सकते है कैप्टन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली में अमित शाह से मिले कैप्टन अमरिंदर, भाजपा में शामिल हो सकते है कैप्टन

- कृषि मंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज, कैप्टन की शर्त पर विचार कर रही भाजपा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कैप्टन अमरिंदर जब दिल्ली पंहुचे तो उन्होने कहा था कि वह यहां किसी नेता से नही मिलेंगे लेकिन अगले ही दिन इसके ठीक विपरीत कैप्टन ने अमित शाह से मुलाकात कर कयासों का बाजार गर्म कर दिया। अब माना जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर भाजपा में शामिल होने जा रहे और उन्हे कृषि मंत्री भी बनाये जाने की अटकले है लेकिन इसी बीच कैप्टन अमरिंदर ने भाजपा के सामने अपनी एक शर्त रखी है जिस पर भाजपा विचार कर रही है।
                  पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें जारी हैं। इस बीच अमरिंदर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। माना जा रहा है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा अमरिंदर सिंह को केंद्रीय कृषि मंत्रालय सौंप सकती है। इसके बाद पंजाब के पूर्व सीएम या तो कृषि कानूनों को लेकर किसानों की समस्या को सुलझाने के लिए आगे आ सकते हैं या इन पर कृषि संगठनों से बातचीत करने का जिम्मा लेकर राज्य में एक बार फिर भाजपा को चुनावी दौड़ में ला सकते हैं। अपनी इस पहल के जरिए कैप्टन पंजाब में भाजपा का चेहरा भी बन सकते हैं।
                    गौरतलब है कि यह कयास पहले से ही लग रहे थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली दौरे पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, पहले उनके मीडिया सलाहकार ने और बाद में खुद कैप्टन ने दिल्ली पहुंचकर इन अटकलों को खारिज कर दिया था। अमरिंदर ने मीडिया से कहा- मैं दिल्ली में किसी नेता से नहीं मिलूंगा। मैं यहां अपना बंगला खाली करने आया हूं।
                     नवजोत सिंह सिद्धू से अनबन होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 18 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद अमरिंदर लगातार कांग्रेस के बड़े नेताओं पर हमला बोल रहे थे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा था कि पार्टी के अंदर उनका अपमान किया गया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला लिया था। अमरिंदर सिंह ने यह तक कहा था कि पंजाब चुनाव 2022 में अगर कांग्रेस जीतती भी है तो वह नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम नहीं बनने देंगे।
                    कैप्टन ने जब पद से इस्तीफा दिया था तब मीडिया ने उनसे सवाल किया था कि क्या आप भाजपा में शामिल होंगे? तब कैप्टन ने जवाब देते हुए कहा था कि इस्तीफा देने के बाद सभी विकल्प खुले हैं। राजनीति के 52 साल के अनुभव और साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री रहने पर उनके कई दोस्त बने हैं। वे अपने सहयोगियों से विचार कर इस पर फैसला लेंगे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox